धर्म के आधार पर मारपीट का आरोप, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
बरेली : बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव रूदायन में तीन मुस्लिम बुजुर्गों के साथ कथित रूप से धर्म के आधार पर मारपीट और अभद्रता के मामले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस प्रकरण में ऑल इंडिया मजलिस -ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी के नेतृत्व में एडीजी ज़ोन बरेली से मिला और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने एडीजी ज़ोन रमित शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया कि बदायूं के रूदायन गांव में तीन मुस्लिम बुजुर्गों के साथ मारपीट, टोपी और दाढ़ी खींचने जैसी घटनाएं हुईं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची।
“कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न”: नदीम कुरैशी
प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी ने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका कहना था कि यदि दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे गलत संदेश जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के दावों के बावजूद आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि प्रदेश में शांति और सामाजिक समरसता बनी रहे।
पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
बताया गया कि लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली के निर्देश पर यह प्रतिनिधिमंडल एडीजी कार्यालय पहुंचा। मुलाकात के दौरान जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट, प्रदेश सचिव (पश्चिमी यूपी युवा) नसीम खान, अमजद खान, जिला महासचिव गुड्डू अल्वी, जिला कोषाध्यक्ष नदीम मसूरी,जिला प्रवक्ता अनवर चौधरी, जिला संयुक्त सचिव तौसीफ खान, महानगर अध्यक्ष युवा इकाई युसूफ अली, शहर विधानसभा अध्यक्ष अल्ताफ अंसारी, इरफान खान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। एडीजी कार्यालय की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की गई है।
