Lakhimpur Kheri News : 20 ई-रिक्शों में निकली अनोखी बारात, दूल्हे ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
150 बरातियों के साथ 20 फूलों से सजे ई-रिक्शों में निकली बारात, लोगों ने कहा- शादी के जरिए दिया समाज को बड़ा संदेश
लखीमपुर खीरी : शादियों में घोड़ी, बग्घी और लग्जरी कारों का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन लखीमपुर खीरी के एक युवक ने अपनी शादी को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा का संदेश देने का माध्यम बना दिया। 20 ई-रिक्शों में निकली यह अनोखी बारात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
20 ई-रिक्शों में निकली अनोखी बारात
बिजुआ ब्लॉक के ग्राम इटकुटी के मजरा सरदार टांडा निवासी किसान बहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह अपनी दुल्हन ममता को लेने 20 रंग-बिरंगे फूलों से सजे ई-रिक्शों के काफिले के साथ निकले। इस अनोखी बारात में करीब 150 बराती शामिल हुए।
जहां से गुजरी, देखने उमड़ पड़े लोग
करीब 10 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान बारात जहां-जहां से गुजरी, वहां लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और कई लोगों ने इस अनोखे नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया।
दूल्हा सबसे आगे, पीछे ई-रिक्शों का काफिला
बारात में सबसे आगे दूल्हा राजेश सिंह ई-रिक्शे पर सवार थे, जबकि उनके पीछे बरातियों से भरे ई-रिक्शों की लंबी कतार चल रही थी। बिना धुएं और शोर-शराबे वाली इस बारात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े होने के कारण लिया फैसला
राजेश सिंह बेंगलुरु के एक अस्पताल में मेल नर्स के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े होने के कारण वह प्रदूषण के दुष्प्रभावों को अच्छी तरह समझते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने शादी में ई-रिक्शों का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया।
स्वच्छ ऊर्जा से मिली प्रेरणा
राजेश ने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की मुहिम से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया। उनका मानना है कि शादी जैसे विशेष अवसरों के माध्यम से भी समाज को सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।
खर्च भी कम हुआ, संदेश भी पहुंचा
राजेश सिंह के अनुसार ई-रिक्शों के इस्तेमाल से खर्च भी कम हुआ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का असर सीधे लोगों की सेहत पर पड़ता है, इसलिए ऐसे प्रयास समय की जरूरत हैं।
बेटे की सोच पर गर्व कर रहा परिवार
दूल्हे के पिता बहादुर सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के दौर में इस तरह की पहल सराहनीय है। परिवार ने राजेश के सुझाव का समर्थन किया और आज उन्हें खुशी है कि शादी के जरिए समाज को सकारात्मक संदेश देने का अवसर मिला।
दुल्हन पक्ष ने भी की पहल की सराहना
दुल्हन ममता और उनके परिवार ने भी इस अनोखी पहल की सराहना की। दुल्हन के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला संदेश है।
चर्चा का विषय बनी ग्रीन वेडिंग
ई-रिक्शों से निकली यह बारात अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसे प्रयास बढ़ें तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ेगी।
