अवैध निर्माण ढहाने की तैयारी, ठिकाने चिन्हित, प्रशासन सख़्त
बरेली : यूपी के बरेली में 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के बाद प्रशासन ने अब मौलाना तौकीर रजा के समर्थकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को बीडीए और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरिफ के होटल स्काइलार्क और फहम लॉन को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों की भारी तैनाती की गई।
प्रशासन ने क्यों की कार्रवाई?
पुलिस के अनुसार, आरिफ ने अतीक अहमद के भाई अशरफ के साले सद्दाम को शरण दी थी। यही नहीं, प्रशासन को कई ठिकानों पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भी मिली थी। इसके बाद होटल और लॉन पर सील की कार्रवाई की गई।
जानें पूरा मामला
दरअसल, 19 सितंबर को इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी पर कड़ी नाराज़गी जताई थी और सरकार को चेतावनी दी थी। इसके बाद 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हुआ, जो हिंसक हो गया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इस दौरान तमंचा, कारतूस, पेट्रोल की बोतलें, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर बरामद किए गए।
पुलिस ने किया था हाउस अरेस्ट
बवाल के बाद पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को हाउस अरेस्ट कर लिया था और मीडिया को उनसे मिलने से रोका। इसके बावजूद मौलाना ने वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन पर आलोचना की। हालांकि, पुलिस ने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया।
प्रशासन का संदेश
बीडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि होटल और लॉन सील करने की कार्रवाई पूरी तरह से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए की गई है। उनका कहना है कि किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
