होटल से डिजिटल डेटा गायब होने का दावा, कर्मचारी पर रिकॉर्ड डिलीट कर सबूत मिटाने का आरोप
बरेली : शहर के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल रमाडा एनकोर में कथित डेटा चोरी का मामला सामने आने के बाद होटल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। होटल प्रशासन ने अपने पूर्व कर्मचारी पर ग्राहकों की गोपनीय जानकारी, व्यावसायिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा चोरी करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही आरोप है कि नौकरी छोड़ने से पहले उसने कंप्यूटर सिस्टम से कई जरूरी फाइलें भी डिलीट कर दीं।जिससे होटल को आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक नुकसान पहुंचा है। इस मामले की शिकायत मिलने पर बारादरी थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
अचानक नौकरी छोड़ने के बाद सामने आया मामला
होटल के एचआर विभाग में कार्यरत पवन जोशी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, होटल कर्मचारी 13 मई को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी छोड़कर चला गया था। प्रारंभिक तौर पर इसे सामान्य इस्तीफा माना गया, लेकिन बाद में होटल के कंप्यूटर सिस्टम और ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण डेटा के गायब होने की जानकारी मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी अपने साथ होटल का महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा और ग्राहकों से संबंधित गोपनीय जानकारियां लेकर गया है।
महत्वपूर्ण फाइलें डिलीट करने का भी आरोप
होटल प्रबंधन का दावा है कि डेटा कॉपी या चोरी करने के बाद सिस्टम में मौजूद कई महत्वपूर्ण फाइलें भी डिलीट कर दी गईं। इससे रिकॉर्ड को पुनः प्राप्त करने में कठिनाई उत्पन्न हुई है। प्रबंधन का कहना है कि इस घटना से होटल के संचालन, व्यावसायिक गतिविधियों और ग्राहकों के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कथित तौर पर चोरी किया गया डेटा किस प्रकार का था और उसका कहीं दुरुपयोग हुआ है या नहीं।
दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी जांच के घेरे में
एफआईआर में एक अन्य व्यक्ति को भी नामजद किया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि डेटा चोरी की कथित साजिश में उसने होटल कर्मी का सहयोग किया। आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद होटल कर्मी के नए रोजगार और इंटरव्यू की प्रक्रिया में भी दूसरे होटल के कर्मचारी की भूमिका रही। पुलिस दोनों आरोपियों की भूमिका और आपसी संपर्कों की जांच कर रही है।
डिजिटल सुरक्षा पर उठे सवाल
फाइव स्टार होटल से ग्राहकों की गोपनीय जानकारी से जुड़े डेटा के कथित रूप से गायब होने की घटना ने डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आतिथ्य क्षेत्र में ग्राहकों की निजी जानकारी बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच आवश्यक है।
पुलिस बोली- डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच
शहर की बारादरी थाना पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रूप से चोरी किया गया डेटा कहां गया और उसका कोई उपयोग या दुरुपयोग हुआ है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
