बरेली : यूपी के बरेली बवाल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस और उनके बेटे फरमान समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का आरोप है कि डॉ. नफीस के बेटे ने आईएमसी की फेसबुक पर हिंसा से जुड़े कार्यक्रम को लाइव किया था। इसके साथ ही डॉ. नफीस पर कार्यक्रम रद्द करने का पत्र पहले टालने और फिर लोगों को धोखा देने का आरोप है। पुलिस ने दो दिन पहले उनकी नावेल्टी स्थित मार्केट को सील कर दिया था।
8 आरोपी जेल, 2 मुठभेड़ में पकड़े
पुलिस ने बुधवार को कुल 8 आरोपियों को जेल भेजा। इनमें से 2 आरोपी शाहजहांपुर के रहने वाले हैं, जिन्हें मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।इसके अलावा बारादरी थाना पुलिस ने श्यामगंज फल मंडी पानी की टंकी के पास हुई हिंसा में शामिल वांछित 4 आरोपियों शान, मोहम्मद नदीम, अरजवान और अमान हुसैन को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर बीएनएस की धाराएँ 191(2)/191(3)/190/125/115(2)/299/352/223/132/121(1)/221/61(2) और सीएलए एक्ट की धारा 7 लगाई गई है।
जानें पुलिस की अब तक की कार्रवाई
बरेली बवाल में अब तक 81 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस फुटेज और वीडियो के आधार पर पहचान कर रही है। फोकस खासकर उन लोगों पर है, जिन्होंने भीड़ को उकसाया। एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि 26 सितंबर को जुमे की नमाज़ का वक्त जानबूझकर बदला गया था। आमतौर पर यहां नमाज़ का समय 12:30 से 3:45 के बीच होता है, लेकिन उस दिन मैसेज फैलाया गया कि नमाज़ 1 बजे होगी, ताकि ज्यादा भीड़ इस्लामिया मैदान की ओर जुट सके।
यह हुआ था 26 सितंबर को
“I Love Mohammad” पोस्टर विवाद के समर्थन में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने लोगों को बुलाया था, लेकिन मौलाना खुद मौके पर नहीं पहुंचे। उनकी गैरमौजूदगी में भीड़ बेकाबू हो गई और शहर में तोड़फोड़ व हिंसा शुरू हो गई। दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया। इस हिंसा में 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मुकदमे और SIT जांच शुरू
अब तक 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें करीब 125 लोग नामजद और 2000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। 7 मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम भी शामिल है। जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित की गई है, जिसमें एसपी सिटी मानुष पारीक, 3 सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं।
