पतंगबाजी बना हादसे का सबब, युवक को अस्पताल में कराया भर्ती
बरेली : शहर में चीनी मांझे का कहर लगातार लोगों को घायल कर रहा है। शनिवार को किला क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय उदित नारायण चौपुला ओवरब्रिज से चौकी चौराहे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी मोटर साइकिल पर चीनी मांझा उलझ गया। मांझे से उनके चेहरे, नाक और आंख के पास गहरे घाव हो गए, और वे बाइक समेत पुल पर गिर गए। राहगीरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उनके चेहरे और नाक पर 10 टांके लगाए।
शहर में लगातार घटनाएं
चीनी मांझे के कारण बरेली में पिछले कुछ महीनों में कई हादसे हो चुके हैं। इसमें 31 जुलाई को सुफीटोला मोड़ पर बाइक सवार युवक घायल, गर्दन में मांझा फंसा। 26 जून को कुतुबखाना पुल पर छात्र बाइक समेत गिरा, गर्दन व हाथ कटे। 5 जून को पूर्व पार्षद सूर्य प्रकाश गुप्ता की गर्दन कटी। वह पुल पर लहूलुहान हो गया। 10 मई को शाहजहांपुर रोड पर दंपती घायल हो गई। इसमें बाइक पर मांझा गिर गया। 2 मार्च को हनुमान मंदिर के पास स्कूटी सवार महिला घायल हो गई थी। 25 फरवरी को पवन सक्सेना की बेटी साक्षी का गला चीनी मांझे से कटा।
फाइनेंस कंपनी कर्मचारी की कटी गर्दन
17 फरवरी को फाइनेंस कंपनी कर्मचारी की मांझे से गर्दन कट गई।इससे काफी गहरा घाव आ गया। यह चीनी बेहद पतला और धातु के पाउडर से बना होता है। उड़ाने में मजबूत लेकिन घातक साबित होता है। कई राज्यों में प्रतिबंधित, फिर भी चोरी-छिपे बिकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चीनी मांझे की बिक्री और प्रयोग पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि लगातार हो रहे हादसों को रोका जा सके।
