जिला चकबंदी अधिकारी के पेशकार सुभाष को डीडीसी कार्यालय में उसकी सीट पर रिश्वत लेते पकड़ा गया, कार्रवाई के दौरान कचहरी में मची अफरा-तफरी
मुरादाबाद: मुरादाबाद कचहरी परिसर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जिला चकबंदी अधिकारी के पेशकार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी की पहचान पेशकार सुभाष के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने टीम के साथ धक्कामुक्की की और मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, टीम ने पीछा कर उसे कचहरी परिसर के अंदर से पकड़ लिया।
सीट पर ही चल रहा था रिश्वत का सौदा
बताया गया कि डीडीसी कार्यालय में जिला चकबंदी अधिकारी के पेशकार सुभाष अपनी सीट पर बैठा था। इसी दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और कार्रवाई को देखने के लिए लोग मौके पर पहुंचने लगे।
कार्रवाई होते ही टीम से भिड़कर भागा
रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद आरोपी पेशकार ने एंटी करप्शन टीम के साथ धक्कामुक्की की और वहां से भागने का प्रयास किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने उसका पीछा शुरू कर दिया।कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को कचहरी परिसर के अंदर से पकड़ लिया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
50 हजार की रिश्वत से खुला भ्रष्टाचार का मामला
रिश्वत की इस कार्रवाई के बाद कचहरी में भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अधिवक्ता ठाकुर ओमवीर सिंह ने पेशकार सुभाष के साथ-साथ जिला चकबंदी अधिकारी और लेखपाल पर भी रिश्वत के खेल में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद ही मामले में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
कचहरी परिसर में एंटी करप्शन ब्यूरो की अचानक कार्रवाई से कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच भी हलचल मच गई। रिश्वत लेते पेशकार के पकड़े जाने के बाद लंबे समय से चल रही कथित वसूली और भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। फिलहाल आरोपी पेशकार से पूछताछ और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत की रकम किस काम के लिए मांगी गई थी और इस मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका है।
रिपोर्ट : रेहान
