इस्लामनगर-पीपलसाना लिंक मार्ग पर तीन से चार फीट पानी, खैय्या खदर की पुलिया पर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद; ग्रामीणों ने पुलिया ऊंची कराने की मांग की
मुरादाबाद: रामगंगा और ढेला नदी में आई बाढ़ के चलते मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी गांवों और संपर्क मार्गों के आसपास जमा होने से हजारों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई जगह ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए बाढ़ के पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इस्लामनगर-पीपलसाना मार्ग पर तीन से चार फीट पानी
बाढ़ के कारण इस्लामनगर-पीपलसाना लिंक मार्ग पर करीब तीन से चार फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव अधिक होने के कारण इस मार्ग से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी रहने के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग पर पानी भरने से रोजमर्रा के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
खैय्या खदर की पुलिया पर बैरिकेडिंग, रास्ता किया बंद
बाढ़ के पानी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर खैय्या खदर की पुलिया को बंद करा दिया है। पुलिया के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को रोक दिया गया है, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव वाले पानी के बीच से निकलने की कोशिश न करे।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुलिया पर बाढ़ का पानी आने की समस्या बनी हुई है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से पुलिया को ऊंचा कराकर दोबारा बनवाने की मांग की है, जिससे भविष्य में बाढ़ के दौरान आवागमन प्रभावित न हो।
सैकड़ों बीघा धान और गन्ने की फसल बर्बाद
बाढ़ का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। पानी भरने से इलाके में सैकड़ों बीघा धान और गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पानी जल्द नहीं उतरा तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पहले से खेती पर निर्भर परिवारों के सामने अब फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जान जोखिम में डालकर चारा लाने को मजबूर ग्रामीण
बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना दिया है। पशुओं के लिए चारा लाने के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है।कई ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं को भूखा नहीं छोड़ सकते, इसलिए मजबूरी में बाढ़ के पानी से होकर चारा लाने के लिए जाना पड़ता है। तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण यह सफर किसी खतरे से कम नहीं है।
कई दिनों से बनी हुई है बाढ़ की स्थिति
भोजपुर थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी मौजूद है। रामगंगा और ढेला नदी के बढ़े जलस्तर के चलते ग्रामीण इलाकों में लगातार चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण अब प्रशासन से राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। खास तौर पर खैय्या खदर की पुलिया को ऊंचा कराने की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान संपर्क मार्ग बंद न हो और ग्रामीणों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रिपोर्ट : रेहान
