करीब नौ दशक से किला चंद परिवार के स्वामित्व वाली मिल को सहारनपुर की अवध फूड्स ने खरीदा, दो पेराई सत्रों से किसानों का भुगतान अटका
बरेली: जिले के बहेड़ी की केसर चीनी मिल को सहारनपुर की अवध फूड्स ने 431 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। सोमवार देर शाम सौदा अंतिम होने के बाद मंगलवार को मिल प्रशासन की ओर से इसकी घोषणा की गई। मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्र के अनुसार, बिक्री से प्राप्त धनराशि से सबसे पहले क्षेत्र के किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। किसानों का करीब 164 करोड़ रुपये का भुगतान दो पेराई सत्रों से अटका हुआ है।
1933 में हुई थी केसर चीनी मिल की स्थापना
केसर चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1933 में किला चंद परिवार ने की थी। करीब नौ दशक तक यह मिल इसी परिवार के स्वामित्व में रही। हालांकि, पिछले पांच-छह वर्षों में मिल आर्थिक संकट से जूझने लगी और धीरे-धीरे इसकी स्थिति खराब होती चली गई। आर्थिक संकट का असर किसानों के गन्ना भुगतान पर भी पड़ा। मिल पर किसानों की बड़ी रकम बकाया होती चली गई, जिसके चलते किसान लगातार भुगतान की मांग करते रहे।
कई कंपनियों से बातचीत के बाद 431 करोड़ में सौदा
मिल के स्वामित्व वाले किला चंद परिवार के हर्ष आर. किला चंद ने इसे बेचने का फैसला लिया था। इसके बाद मिल को खरीदने के लिए कई कंपनियों के साथ बातचीत हुई। आखिरकार सहारनपुर के कारोबारी संजीव कुमार कपूर की अवध फूड्स के साथ 431 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। सोमवार देर शाम सौदा अंतिम होने के बाद मंगलवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।
किसानों को 164 करोड़ रुपये के बकाये की उम्मीद
केसर चीनी मिल की बिक्री से सबसे बड़ी उम्मीद क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को है। किसानों का करीब 164 करोड़ रुपये का भुगतान दो पेराई सत्रों से लंबित बताया जा रहा है। मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्र ने कहा कि बिक्री से प्राप्त धनराशि में सबसे पहले क्षेत्र के किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। इस घोषणा के बाद किसानों को लंबे समय से अटके भुगतान के मिलने की उम्मीद जगी है।
नीलामी को लेकर जिलाधिकारी ने किसानों के साथ की बैठक
इसी बीच केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इसमें बहेड़ी तहसील क्षेत्र के गन्ना किसान शामिल हुए। जिलाधिकारी ने किसानों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।बैठक में तय किया गया कि मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित चीनी मिल की जमीन की प्रस्तावित दोबारा नीलामी में बेहतर कीमत हासिल करने के लिए प्रशासन जिले के बाहर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा।
बकाया भुगतान को लेकर किसानों का धरना जारी
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन भानु का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर से पहुंचकर महापंचायत भी की।दिन में मिल प्रबंधन के साथ किसानों की बातचीत हुई, लेकिन तत्काल कोई सहमति नहीं बन सकी। किसान लंबे समय से अपने बकाये के भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अब चीनी मिल की जमीन की नीलामी नहीं होगी
केसर चीनी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्र ने बताया कि केसर चीनी मिल लिमिटेड को अवध फूड्स ने 431 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अब चीनी मिल की किसी भी जमीन की नीलामी नहीं होगी। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मुड़िया मुकर्रमपुर गांव स्थित चीनी मिल की भूमि किसानों के बकाया भुगतान के लिए कुर्क की गई थी। जमीन की अधिकतम कीमत हासिल करने के लिए मंगलवार को किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीनी मिल की बिक्री प्रबंधन का आंतरिक मामला है।
