मुजफ्फरनगर में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सरकार के सामने रखीं किसानों से जुड़ी कई मांगें, 17 सितंबर को होगी पहली रात्रि महापंचायत
मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गन्ना मूल्य समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार से मांगें पूरी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती में लगातार लागत बढ़ रही है और फसल में बीमारियों के कारण किसानों का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में इस बार गन्ने का मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति कुंतल के बीच होना चाहिए।
चीनी मिलें शुरू होने से पहले घोषित हो गन्ना मूल्य
सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही गन्ने का मूल्य घोषित कर देना चाहिए। इससे किसानों को अपनी फसल के मूल्य को लेकर असमंजस नहीं रहेगा और उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में इस समय किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है। फसल में बीमारियां बढ़ने के कारण दवाइयों और अन्य कृषि सामग्री पर खर्च भी बढ़ गया है। वहीं, चीनी के अच्छे दाम को देखते हुए किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
बिजली के बढ़े बिलों पर भी उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने बिजली के बिलों को लेकर भी सरकार और विभाग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के बिजली बिल काफी अधिक आ रहे हैं। साथ ही विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं के कनेक्शन की भार क्षमता में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग की। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में धान खरीद केंद्र विकसित करने की भी जरूरत बताई, ताकि स्थानीय किसानों को धान बेचने के लिए हरियाणा न जाना पड़े।
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का किया विरोध
राकेश टिकैत ने अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को भी किसानों के हित में नहीं बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौतों में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े इन सभी मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
17 सितंबर को होगी पहली रात्रि महापंचायत
राकेश टिकैत ने बताया कि आगामी 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में भारतीय किसान यूनियन की पहली रात्रि महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत शाम सात बजे शुरू होगी और मध्य रात्रि तक चलेगी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि महापंचायत के दौरान ही अधिकारियों को मौके पर बुलाकर किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अन्य जिलों में भी होंगी रात्रि महापंचायत
राकेश टिकैत ने कहा कि रात्रि महापंचायत का यह प्रयोग आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी दोहराया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन अलग-अलग जिलों में रात्रि महापंचायत आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि दिन के समय गर्मी अधिक होने के कारण इस बार रात में महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके जरिए किसानों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने सीधे रखने और उनका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
