मछलियों के प्रजनन काल की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बाराबंकी : मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से बाराबंकी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जनपद की सभी नदियों और बहती जलधाराओं को आगामी तीन माह के लिए नो फिशिंग जोन घोषित कर दिया है। यह प्रतिबंध 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।
नदियों और जलधाराओं में मछली पकड़ने पर पूरी रोक
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी नदी या बहती जलधारा में मछली पकड़ने, जाल डालने अथवा बाड़े (घेराबंदी) लगाने की अनुमति नहीं होगी। आदेश के पालन की जिम्मेदारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण और मत्स्य विभाग को सौंपी गई है।
मत्स्य अधिनियम के तहत जारी हुआ आदेश
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम-1948 तथा उत्तर प्रदेश मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली-1954 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान मछलियों का प्रजनन काल होता है। ऐसे समय में मछली पकड़ने पर रोक लगाने से उनकी संख्या और प्रजातियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद
प्रशासन के अनुसार प्रजनन अवधि के दौरान मछलियों का शिकार रोकने से भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही नदियों और जलाशयों की जैव विविधता को भी संरक्षित रखने में सहायता मिलेगी। यह कदम मत्स्य संसाधनों के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रतिबंध अवधि में यदि कोई व्यक्ति नदियों या बहती जलधाराओं में मछली पकड़ते अथवा बाड़े लगाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की नाव, जाल और अन्य उपकरण जब्त किए जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम की धारा-6 के तहत मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
मत्स्यजीवियों से सहयोग की अपील
मत्स्य विभाग ने जिले के मछुआरा समुदाय और मत्स्यजीवियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और प्रतिबंध अवधि के दौरान शासन के निर्देशों का पालन करें। विभाग का कहना है कि यह कदम पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बेहद आवश्यक है।
