बरेली: शहर की थाना कैंट पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग की घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
मोहनपुर के पास लौट रहे युवक से छीना था मोबाइल
पुलिस के मुताबिक बहराइच जिले के नानपारा थाना क्षेत्र के टपरी गांव निवासी अहसान एक दिन पहले यानी 1 जून की शाम करीब साढ़े चार बजे मोहनपुर की ओर से सामान खरीदकर वापस अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने थाना कैंट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचा
जांच के दौरान उपनिरीक्षक रोहित तोमर और उनकी टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान इसरार, शावेज और सलीम उर्फ बाबू उर्फ बवाला के रूप में हुई। तीनों आरोपी थाना कैंट क्षेत्र के ठिरिया निजावत खां के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद हो गया। इसके अलावा जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल घटना में किया गया था, वह भी चोरी की निकली, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ में कबूला जुर्म, मोबाइल बेचने की थी तैयारी
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशा करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती रहती है। इसी वजह से उन्होंने मारिया मीट फैक्ट्री के पास जंगल वाले इलाके में एक व्यक्ति को घेरकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। आरोपियों के अनुसार सलीम उर्फ बाबू ने पीड़ित के हाथ से मोबाइल छीना था, जबकि बाकी दोनों साथी उसके साथ मौजूद थे। वारदात के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि छीने गए मोबाइल को बेचकर मिलने वाली रकम आपस में बांटने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं बरामद मोटरसाइकिल के बारे में आरोपियों ने बताया कि उसे उन्होंने कुछ वर्ष पहले एक अज्ञात व्यक्ति से कम कीमत पर खरीदा था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
