बरेली : खानकाहे आलिया मदारिया के सज्जादानशीन हजरत सैय्यद मरगूब आलम जाफरी के तीसरे बेटे सैय्यद जावेद आलम जाफरी का बुधवार देर रात इंतकाल हो गया। वह महज 24 वर्ष के थे। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और मुरीदों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक सैय्यद जावेद आलम पिछले करीब छह महीने से बीमारी से जूझ रहे थे और उनका लगातार उपचार चल रहा था।
दिल्ली के अस्पताल में कराया गया था उपचार
परिजनों ने बताया कि बीमारी के चलते सैय्यद जावेद आलम को उपचार के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सकों ने उनका ऑपरेशन भी किया था। ऑपरेशन के बाद से उनका लगातार इलाज चल रहा था। बुधवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें संभाल पाते, इससे पहले ही उन्होंने आखिरी सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया।

एक बेटी और एक बेटे को छोड़ गए
सैय्यद जावेद आलम जाफरी अपने पीछे एक बेटी और एक बेटे को छोड़ गए हैं। कम उम्र में उनके इंतकाल से परिवार में मातम का माहौल है। उनके निधन की खबर मिलने के बाद रिश्तेदारों, करीबियों और मुरीदों का परिवार से मिलने और सांत्वना देने का सिलसिला शुरू हो गया। उनके इंतकाल से खानकाहे आलिया मदारिया से जुड़े लोगों में भी गहरा दुख है।

नम आंखों से किया गया सुपुर्द-ए-खाक
गुरुवार को सैय्यद जावेद आलम जाफरी को नम आंखों और भारी दिल के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मुरीद और क्षेत्र के राजनीतिक लोग शामिल हुए। इस दौरान माहौल गमगीन रहा। लोगों ने मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की और परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र देने की दुआ की।
इंतकाल से परिवार और मुरीदों में गम
सैय्यद जावेद आलम के इंतकाल की खबर से परिवार के साथ-साथ खानकाह से जुड़े मुरीदों और अकीदतमंदों में भी शोक की लहर है। लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कम उम्र में हुए इस इंतकाल से हर कोई गमगीन है। परिजनों और करीबियों ने लोगों से मरहूम के लिए दुआ करने की अपील की।
