बदायूं : फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के सुरेनी पापड़ी गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मेंथा प्लांट की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीसरे भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि सुरेनी पापड़ी गांव निवासी जयवीर यादव, राजेश यादव और मनवीर यादव मेंथा प्लांट की एक टंकी की सफाई का काम कर रहे थे। गांव वालों के मुताबिक टंकी के अंदर जहरीली गैस जमा थी, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। सफाई के दौरान सबसे पहले एक भाई टंकी के भीतर बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए दूसरा भाई अंदर गया, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर अचेत हो गया। इसके बाद तीसरा भाई भी अपने दोनों भाइयों को बचाने के लिए टंकी में उतर गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस के प्रभाव से बेहोश हो गया।
कुछ ही देर में मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए तीनों भाइयों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों को टंकी से बाहर निकाला गया और तुरंत एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आसफपुर पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जयवीर यादव और राजेश यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं तीसरे भाई मनवीर यादव की हालत बेहद गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार तीनों भाई मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी और तीनों भाई मिलकर घर की जिम्मेदारियां संभालते थे। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। एक ही घर के दो बेटों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि तीसरे बेटे की जिंदगी भी अस्पताल में दांव पर लगी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि मेंथा प्लांट की टंकियों में सफाई के दौरान अक्सर जहरीली गैस जमा हो जाती है। ऐसे कार्यों के लिए विशेष सुरक्षा उपकरण, गैस जांच प्रणाली और ऑक्सीजन की व्यवस्था होना बेहद जरूरी होता है। लेकिन कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिसके कारण इस तरह के हादसे सामने आते हैं। लोगों का मानना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। हर किसी की जुबान पर सिर्फ यही सवाल है कि आखिर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। गांव के लोग प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं परिवार की निगाहें अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे मनवीर यादव पर टिकी हैं। पूरे गांव में दुआओं का दौर जारी है और लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। लेकिन दो भाइयों की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो पाएगी। यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है और यह संदेश देता है कि किसी भी औद्योगिक या तकनीकी कार्य में सुरक्षा से समझौता जानलेवा साबित हो सकता है।
