बदायूं : बिसौली क्षेत्र में सोमवार को उस समय एक नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब जमीन विवाद से आक्रोशित एक पूर्व सभासद मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामला इतना संवेदनशील हो गया कि पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सभासद विजय कोहली का वजीरगंज क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। विजय का आरोप है कि वजीरगंज के तीन लोग उन्हें उनकी जमीन बेचने नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई ग्राहक जमीन खरीदने के लिए आगे आता है, तो ये लोग उसे भड़काकर सौदा रुकवा देते हैं। इस लगातार हो रही दिक्कत और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर विजय ने विरोध जताने के लिए यह कदम उठाया और सीधे मोबाइल टावर पर चढ़ गए।
जैसे ही लोगों को इस घटना की जानकारी मिली, आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और कई लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगे, जिससे मामला तेजी से सोशल मीडिया पर भी फैलने लगा। स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया और टावर के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कोई भी व्यक्ति टावर के नजदीक न पहुंचे और स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बना रहे।
इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने टावर पर चढ़े विजय कोहली को समझाने का प्रयास शुरू किया। कई घंटों तक लगातार बातचीत और समझाइश का दौर चलता रहा। अधिकारी उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाते रहे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने का आश्वासन देते रहे। विजय को यह भरोसा दिलाया गया कि उनके जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय तक चले इस प्रयास के बाद आखिरकार विजय प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट हुए और सुरक्षित तरीके से नीचे उतर आए। उनके नीचे उतरते ही अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अपने संरक्षण में लिया और आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जमीन से जुड़े विवाद इतने गंभीर क्यों हो जाते हैं कि लोग इस तरह के खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। हालांकि प्रशासन ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया, लेकिन यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
