एसपी चीफ का BJP पर वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का आरोप!
लखनऊ/ सहारनपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहारनपुर में भाजपा सरकार पर अब तक के सबसे तीखे हमले किए। उन्होंने अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, SIR में वोट कटौती, इंडिगो विवाद और कानून व्यवस्था पर केंद्र व राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, और भाजपा सरकार पूरी तरह असफल साबित हो चुकी है।
महंगाई-बेरोज़गारी चरम पर, रुपया 90 पर: अखिलेश का आर्थिक हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “महंगाई लगातार बढ़ रही है, नौकरी रोजगार है नहीं।”“देश खुद को खड़ा करने में सक्षम नहीं, हमें दूसरे देशों का सहारा लेना पड़ रहा है।”“रुपया 90 रुपये प्रति डॉलर पहुंच गया, ये सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
‘भाजपा संविधान से नहीं चला रही सरकार’
सहारनपुर में मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि “किसान, नौजवान, मजदूर… हर वर्ग परेशान है।“भाजपा भावनाओं की राजनीति कर रही है, संविधान के रास्ते से भटक गई है।”“बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने जो मार्ग दिखाया, भाजपा सरकार उसका पालन नहीं कर रही।”
SIR पर सबसे बड़ा आरोप-‘2 से 3 करोड़ वोट काटने की कोशिश’
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि ज्यादा से ज्यादा वोट बने, लेकिन BJP वोट कटवा रही है।”“2 से 3 करोड़ वोट तक काटे जा सकते हैं—ये लोकतंत्र के साथ खेल है।”“लोग कागज़ खोज रहे हैं, लाइनें काट रहे हैं, बीएलओ परेशान हो रहे हैं—ये सब भाजपा की साज़िश है।”उन्होंने कहा कि सबके पास आधार कार्ड में पूरी जानकारी मौजूद है, फिर भी वोट काटे जा रहे हैं।“आधुनिक तकनीक अपनाई जाए तो किसी का वोट नहीं कटेगा, लेकिन BJP जानबूझकर जनता को परेशान कर रही है।”
इंडिगो विवाद पर सरकार को घेरा
इंडिगो की लगातार फ्लाइट कैंसिल होने पर अखिलेश यादव ने सीधे आरोप लगाया कि “इंडिगो पर सरकार का दबाव इसलिए नहीं है क्योंकि भाजपा ने इनसे इलेक्टोरल बॉन्ड लिए थे।”“यह उदाहरण है कि पूंजीवादी सरकार पर हावी हैं।”
कानून व्यवस्था पर वार-‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया की सरकार’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि “सब जानकारी होने के बाद भी सरकार बुलडोजर माफियाओं पर नहीं चला रही।”“यही साबित करता है कि BJP की स्कीम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ मजबूती से चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को परेशान करने के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पोर्टल को धीमा किया, जिससे लोग समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके।“जिन्हें फ्री राशन दे रहे हो, उनकी पर कैपिटा इनकम क्या है?”“हमारे भारत का क्षेत्रफल क्या है, ये भी BJP वाले नहीं बता पा रहे।”
“जनता BJP को हराएगी, ऐतिहासिक परिणाम देगी”
सहारनपुर को लेकर अखिलेश यादव ने कहा “पिछली बार भी सहारनपुर की जनता ने गठबंधन की मदद की है।”“हमें भरोसा है कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की और गठबंधन की सरकार बनाने में सहारनपुर फिर अहम भूमिका निभाएगा।”“2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।”
सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, SIR प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं का आरोप
सपा ने यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं और मतदाताओं की दिक्कतों को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कई जिलों में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के गणना प्रपत्र गलत तरीके से “थर्ड ऑप्शन” में सबमिट कर दिए गए, जबकि मतदाताओं ने 2003 की मतदाता सूची के आधार पर अपना विवरण सही-सही भरकर जमा किया था।
अमेठी, गौरीगंज -80% से अधिक फॉर्म गलत सबमिट
389 में से 110 मतदेय स्थलों पर 80% से ज्यादा प्रपत्र “थर्ड ऑप्शन” में डाले गए। कई जगह बीएलओ ऐप में स्कैन करने पर एक मतदाता के फॉर्म पर दूसरे का विवरण दिख रहा है।
गोंडा, करनैलगंज- 50% से 79% तक फॉर्म गलत
दर्जनों मतदेय स्थलों पर बीएलओ ने बड़ी संख्या में गलत तरीके से प्रपत्र “थर्ड ऑप्शन” में भेजे। मतदाताओं को अब अनावश्यक नोटिस और दस्तावेज जमा करने की परेशानी झेलनी होगी। सही फॉर्म जमा करने के बावजूद ज्यादातर प्रपत्र को गलत श्रेणी में डाल दिया गया।
शामली-गणना प्रपत्र का वितरण अधूरा
142 से 151 नंबर मतदेय स्थलों पर फॉर्म वितरित ही नहीं किए गए। CEO वेबसाइट पर भी संबंधित विवरण बंद दिख रहा है। मिर्जापुर -बीएलओ दूसरी विधानसभा में बैठकर फॉर्म सबमिट कर रहे हैं। 5 किमी दूर दूसरी विधान सभा से डेटा अपडेट किया जा रहा है। सपा BLA को वहाँ बुलाकर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। बागपत में 1288 नाम 2003 की सूची से ‘गायब’कई मतदेय स्थलों से मतदाताओं के नाम 2003 सूची में मौजूद ही नहीं, जिससे फॉर्म भरने में कठिनाई।
