सपा प्रमुख ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, महंगाई-बेरोजगारी से जनता बेहाल,महिला आरक्षण, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
अमेठी/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को अमेठी के मुसाफिरखाना में दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण, महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की नहीं दिख रही है। सीटों के निर्धारण और जनगणना को लेकर स्पष्टता नहीं है।जिससे यह मुद्दा केवल ध्यान भटकाने का प्रयास प्रतीत होता है।
महंगाई-बेरोजगारी पर घेरा, अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता
सपा प्रमुख ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।जिससे आम जनता परेशान है।उन्होंने नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि हालात संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने संविधान के मूल सिद्धांतों का जिक्र करते हुए अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
संविधान बदलना चाहते हैं ये लोग
उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “ये लोग संविधान को नहीं मानते हैं, बाबा साहब का दिया संविधान बदलना चाहते हैं और अपने मन से देश चलाना चाहते हैं।” अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में संविधान की रक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि देश लोकतांत्रिक मूल्यों से चलता है, न कि किसी एक विचारधारा से। उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।
मजदूरों की नहीं सुन रही सरकार..
सपा प्रमुख ने नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन और हिंसा को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अन्याय, महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही।नोएडा की घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की बताई।उन्होंने पूछा कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों का वेतन बढ़ाया जा रहा है, तो उत्तर प्रदेश में ऐसा क्यों नहीं हो रहा। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मजदूरों की मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आर्थिक आंदोलन’ की दी चेतावनी दी। मेरठ से ‘नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन’ का दावा किया। मेरठ का जिक्र करते हुए कहा कि 1857 की तरह यहां से एक नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन शुरू होगा, जो मौजूदा नीतियों के खिलाफ होगा। सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि छोटे व्यापारियों और श्रमिकों की अनदेखी हो रही है।
कार्यकर्ताओं से 2027 की तैयारी का आह्वान
दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
भाजपा किसी की सगी नहीं…
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आज जो लोग सरकार के साथ हैं, वे भी भविष्य में उसकी नीतियों का शिकार बनेंगे। उन्होंने व्यापारियों और आम जनता को सतर्क रहने की अपील की।
