मुंबई : पवई इलाके में एक दिल दहला देने वाले बंधक कांड का आखिरकार बहादुरी से अंत हुआ। थिएटर स्टूडियो में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी रोहित आर्य को मुंबई पुलिस के एंटी-टेररिस्ट सेल अधिकारी अमोल वाघमारे ने मौके पर गोली मारकर ढेर कर दिया। इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी रोहित आर्य, जो खुद को फिल्म निर्माता बताता था, ने वेब सीरीज ऑडिशन के बहाने बच्चों को आरए स्टूडियो में बुलाया था। पहले तो सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद जब बच्चे बाहर नहीं आए, तो माता-पिता को शक हुआ। उसी समय पास की इमारत से लोगों ने देखा कि बच्चे खिड़की के पीछे रो रहे हैं और मदद के लिए चिल्ला रहे हैं।
जानकारी मिलते ही पुलिस, बम निवारण दस्ते (BDS) और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) मौके पर पहुंची। आरोपी ने स्टूडियो के दरवाजों पर सेंसर लगाकर उन्हें सील कर दिया था और धमकी दी थी कि यदि पुलिस अंदर आई तो वह ज्वलनशील रसायन से आग लगा देगा।
पुलिस ने बेहद रणनीतिक योजना बनाई। पहली टीम ने बाथरूम की ओर से प्रवेश कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि दूसरी टीम ने कांच तोड़कर हॉल में घुसपैठ की। इस बीच, जब आरोपी रोहित पुलिस की ओर बढ़ा और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तभी अधिकारी अमोल वाघमारे ने मौके पर गोली चलाने का साहसिक निर्णय लिया।
गोली आरोपी की छाती में लगी, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद अमोल वाघमारे की बहादुरी की पूरे पुलिस विभाग में सराहना हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि वाघमारे शांत और प्रशिक्षित अधिकारी हैं, जिन्हें हर छह महीने में “फायरिंग प्रोटोकॉल” का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है यह सिखाने के लिए कि “कब गोली चलानी है और कब नहीं।”
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि “टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन स्थिति के अनुरूप तत्काल कार्रवाई ही बच्चों की जान बचाने का एकमात्र रास्ता थी।
