अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर BJP चुप क्यों?सपा का केंद्र पर हमला, सरदार पटेल और आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर समाजवादी विमर्श तेज
लखनऊ: आज देश के दो महान विभूतियों ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल और महान समाजवादी चिंतक आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर समाजवादी पार्टी ने उन्हें याद करते हुए देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सत्ता के वादों पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं के योगदान और विचारों को मौजूदा भारत के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि “देश की खुशहाली का रास्ता समाजवादी आंदोलन से ही होकर जाता है।”
सरदार पटेल: देश की एकता के निर्माता
सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत के ‘आधुनिक एकीकरण’ का शिल्पकार माना जाता है। स्वतंत्रता के बाद 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को एक राष्ट्र बनाने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका थी। सरदार पटेल को उनके अदम्य साहस और लौह संकल्प के लिए ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है। सरकार द्वारा 2014 में उनकी स्मृति में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी स्थापित किया गया, जो विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है।
अखिलेश यादव ने पटेल को नमन करते हुए कहा: सरदार पटेल जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है, देश को एकजुट किया, रियासतों को खत्म किया। उनके विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं।
आचार्य नरेन्द्र देव: समाजवादी विचारधारा के शीर्ष स्तंभ
आचार्य नरेंद्र देव को भारतीय समाजवादी आंदोलन का जनक कहा जाता है। वे सिर्फ राजनेता नहीं, बल्कि दार्शनिक, शिक्षाविद और वैचारिक स्तंभ थे। उन्होंने समाजवाद को भारतीय संदर्भ और भारतीय आत्मा के साथ जोड़ा — जिसमें आर्थिक न्याय, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात शामिल थी। अखिलेश यादव ने कहा: आचार्य नरेंद्र देव जी समाजवादी विचारों के जनक थे। देश की खुशहाली, समानता और न्याय — समाजवादी रास्ते से ही संभव है।
BJP के वादों पर सवाल
उधर, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के विकास और रोजगार के दावों पर तीखे सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा: बीजेपी के लोग फर्जी ज्यादा बोलते हैं। स्मार्ट सिटी कहां है? 2 करोड़ नौकरियां कहां हैं? किसान की आय दोगुनी कहां है? उन्होंने कहा कि जमीन पर न नयी नौकरियां हैं, न कृषि सुधार, और न ही शहरी ढांचा बेहतर हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर विवाद का मुद्दा भी उठा
अखिलेश यादव ने हालिया अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा: अमेरिका के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के बारे में कठोर टिप्पणी की है। BJP को बताना चाहिए कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है?
