नोएडा : आवारा कुत्तों को लेकर लंबे समय से चल रहे विवादों पर अब विराम लगने की उम्मीद है। रेजिडेंट्स और डॉग लवर्स के बीच अक्सर सड़क, पार्क और सोसायटी परिसर में कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर तनातनी की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक अहम और व्यावहारिक योजना तैयार की है।
1400 डॉग फीडिंग पॉइंट्स बनाने की योजना
नोएडा प्राधिकरण ने पूरे शहर में 1400 डॉग फीडिंग पॉइंट्स बनाने का फैसला किया है। इस योजना के लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है और इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही जमीन पर इस योजना का काम शुरू होने वाला है। नई व्यवस्था के तहत अब आवारा कुत्तों को सिर्फ चिन्हित फीडिंग पॉइंट्स पर ही भोजन दिया जा सकेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि सड़क, फुटपाथ, पार्क या सोसायटी के गेट पर मनमाने ढंग से कुत्तों को खाना खिलाने की समस्या पर रोक लगेगी।
सेक्टरों में चिन्हित किए जा रहे स्थान
प्राधिकरण ने शहर के अलग-अलग सेक्टरों में इन फीडिंग पॉइंट्स के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि कुत्तों को भोजन कहां दिया जाना है और कहां नहीं। इन बोर्ड्स पर नियम और दिशा-निर्देश भी दर्ज होंगे, जिससे किसी तरह का भ्रम या विवाद न हो।
RWA और AOA की होगी अहम भूमिका
फीडिंग पॉइंट्स बनने के बाद उनका रखरखाव और सफाई संबंधित RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) और AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) की जिम्मेदारी होगी। प्राधिकरण का मानना है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी होने से व्यवस्था ज्यादा प्रभावी और व्यवस्थित रहेगी। RWA और AOA यह सुनिश्चित करेंगी कि फीडिंग पॉइंट्स साफ-सुथरे रहें, वहां गंदगी न फैले, तय समय और नियमों के अनुसार ही भोजन दिया जाए नागरिकों और डॉग लवर्स दोनों को फायदा इस योजना से दोनों पक्षों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आवारा कुत्तों के लिए फायदे
उन्हें सुरक्षित और नियमित भोजन मिलेगा इधर-उधर भटकने की जरूरत कम होगी भूख के कारण आक्रामक व्यवहार की आशंका घटेगी
आम नागरिकों के लिए फायदे
सड़कों और पार्कों में होने वाली असुविधा कम होगी,बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता घटेगी, सोसायटी और सार्वजनिक स्थानों पर विवाद कम होंगे
स्वच्छता और सुरक्षा पर भी असर
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना सिर्फ पशु कल्याण तक सीमित नहीं है। इसका मकसद शहर में स्वच्छता और सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है। अक्सर खुले में खाना डाले जाने से गंदगी फैलती है और बदबू की समस्या होती है। तय फीडिंग पॉइंट्स से यह स्थिति काफी हद तक नियंत्रित होगी।
प्रशासन का बयान
प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संतुलन बनाने की कोशिश है जहां एक ओर पशु प्रेमियों की भावनाओं का सम्मान किया गया है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों की परेशानियों को भी ध्यान में रखा गया है। टेंडर के जरिए एजेंसी को फाइनल कर लिया गया है और योजना को जल्द लागू करने की तैयारी है।
