नई दिल्ली : मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरामको की सबसे अहम तेल सुविधाओं में से एक रास तनुरा कॉम्प्लेक्स पर बुधवार को एक बार फिर अनजान प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। रास तनुरा में अरामको की सबसे बड़ी घरेलू रिफाइनरी और एक प्रमुख क्रूड एक्सपोर्ट टर्मिनल स्थित है।
ड्रोन हमले के संकेत, नुकसान की पुष्टि नहीं

सऊदी अरब की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती संकेत ड्रोन हमले की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, इस हमले में किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
तेल सप्लाई पर असर नहीं, सरकार का दावा
एनर्जी मिनिस्ट्री के एक सूत्र के अनुसार, हमले के बावजूद कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और निर्यात में किसी तरह की रुकावट नहीं आई है। प्रशासन ने हालात पर पूरी तरह नियंत्रण होने का दावा किया है।
होर्मुज स्ट्रेट से तेल शिपिंग ठप

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद सऊदी अरब समेत संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक जैसे गल्फ देशों से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल भेजना फिलहाल बंद हो गया है।
सैकड़ों जहाज लंगर डाले, ईरान की चेतावनी
सुरक्षा कारणों से स्ट्रेट के दोनों ओर सैकड़ों ऑयल टैंकर और मालवाहक जहाज लंगर डाले खड़े हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज इस संवेदनशील समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अरामको ने बदला रास्ता, रेड सी की ओर डायवर्जन
सूत्रों के मुताबिक, अरामको होर्मुज स्ट्रेट से बचने के लिए अपने कुछ क्रूड एक्सपोर्ट को रेड सी की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी निशाने पर रह चुकी हैं सऊदी तेल सुविधाएं
यह पहली बार नहीं है जब सऊदी अरब की ऊर्जा संरचनाओं पर हमला हुआ हो। सितंबर 2019 में अबकैक और खुरैस पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों से देश का आधे से ज्यादा तेल उत्पादन अस्थायी रूप से ठप हो गया था, जिससे वैश्विक बाजार हिल गया था।
2021 में भी हूतियों ने किया था रास तनुरा पर हमला
साल 2021 में यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी रास तनुरा को निशाना बनाया था। उस वक्त सऊदी अरब ने इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया था।
ग्लोबल ऑयल मार्केट की नजर मिडिल-ईस्ट पर
फिलहाल सऊदी अरब नुकसान से इनकार कर रहा है, लेकिन मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यहां हालात बिगड़े तो ग्लोबल ऑयल मार्केट पर सीधा असर तय माना जा रहा है।
