शिक्षा और आर्थिक सुधार को बताया सामाजिक न्याय की रीढ़
लखनऊ : बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘सामाजिक न्याय के राज’ की आवश्यकता को समय की सबसे बड़ी मांग बताया। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर पूर्व सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि “अब वक्त आ गया है कि संविधान के असल मर्म को लागू करते हुए ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना की जाए।” उन्होंने ने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से शोषितों, दलितों और वंचितों को समानता और अधिकार दिए, और आज उन अधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब समाज में न्याय की भावना को व्यवहार में लाया जाए। “संविधान के समता-समानता के सिद्धांतों को ज़मीन पर लागू करने से ही नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रह पाएंगे और सरकार की मनमानी पर रोक लग सकेगी।”
शिक्षा और आर्थिक सुधार को बताया सामाजिक न्याय की रीढ़
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय के वास्तविक प्रभाव के लिए शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण आवश्यक है। उन्होंने कहा, “पीडीए समाज को शिक्षित करना, आर्थिक रूप से जागरूक बनाना और उत्पीड़न से बचाने के लिए उन्हें कानूनी संरक्षण देना हमारी ज़िम्मेदारी है।”उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति यह महसूस करेगा कि सामाजिक न्याय उसके साथ है, तभी उसमें आत्मबल और देशनिर्माण में भागीदारी का भाव जागेगा। यह ही सच्चे अर्थों में देशभक्ति कहलाएगी।

शांति से सत्ता पर दबाव डालने की आवश्यकता
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को एकजुट होकर संविधान की मूल भावना के साथ खड़ा होना होगा और लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा, “जब उत्पीड़न करने वाले देखेंगे कि 90 प्रतिशत पीडीए समाज एकजुट होकर अत्याचार के खिलाफ खड़ा हो सकता है, तो वे अन्याय करने से पहले सौ बार सोचेंगे।”
वर्चस्ववाद पर किया तीखा हमला
अखिलेश यादव ने वर्तमान सत्ता व्यवस्था को ‘वर्चस्ववादी’ बताते हुए उस पर अन्याय, भेदभाव और अपमान को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “आज सामाजिक न्याय की ज़रूरत इसलिए और बढ़ गई है। क्योंकि, हमें बार-बार अपमान और ज़लालत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बाबा साहब के विचारों को पूरी ताक़त से लागू करवाने का समय आ गया है।”
‘पीडीए’ समाज के लिए सुनहरे भविष्य की गारंटी है सामाजिक न्याय
उन्होंने अंत में कहा कि “सामाजिक न्याय का राज ही ‘पीडीए’ समाज के सुनहरे भविष्य की गारंटी है। हमें अपना भविष्य खुद बनाना होगा और इसके लिए संविधान का मार्ग ही हमारा रास्ता है।”
