समिति की आपात बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श, श्रमिकों के हितों को लेकर निर्णायक प्रस्ताव पारित
लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अंतर्गत कार्यरत श्रमिक समाज कल्याण संघ ने गुरुवार यानी आज एक आपातकालीन बैठक आयोजित की। इसमें कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, सेवा नियमों में व्याप्त विसंगतियों और दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारियों के प्रति शासन-प्रशासन की उदासीनता पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एमएन कुशीत ने की, जबकि संचालन प्रांतीय महामंत्री बनारसी राम ने किया।
सेवा नियम 2005 की विसंगतियाँ की जाएं दूर
बैठक में कर्मचारी नेता सुशील कुमार ने कहा कि यह नियम कर्मचारी हितों के प्रतिकूल है और लंबे समय से इसके पुनरीक्षण की मांग की जा रही है। वेतन विसंगतियाँ और मृत्यु लाभ मिलना चाहिए। दुर्घटना में मारे गए कर्मचारियों के आश्रितों को मृत्यु लाभ और नौकरी देने में प्रशासनिक टालमटोल की शिकायतें सामने आईं। यह गलत है।14 वर्षों से प्रतीक्षारत आश्रित परिवारों के 14 से अधिक ऐसे प्रकरण बताए गए। बताया गया कि इसमें आश्रितों को न नियुक्ति मिली है और न ही कोई मुआवजा।
गोरखपुर डिपो में महिला संविदा कर्मियों से अवैध वसूली का आरोप
यह मामला विशेष रूप से चर्चा का विषय रहा। इसमें तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की गई। संविदा चालकों की न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन किया जा रहा है। चालकों को 20 हजार न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग पर भी बैठक में सहमति बनी। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारियों की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई। अब तक कुल 1164 मृतक कर्मचारियों में से 300 से भी कम के आश्रितों को लाभ मिला है।
तत्काल दूर की जाएं समस्याएं
कर्मचारी नेताओं ने शासन से अनुरोध किया कि सभी मृतक कर्मचारियों/संविदा कर्मियों के परिजनों को नियमानुसार नियुक्ति, न्यूनतम वेतन और लंबित देयताओं का तत्काल निस्तारण किया जाए। 10 गुना वेतन वृद्धि, सेवा विस्तार, तथा सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति के दायरे में लाने की मांग दोहराई गई। यदि 15 दिनों के भीतर कार्यवाही न होने पर संघ द्वारा कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी गई।
संघ का ऐलान
प्रांतीय महामंत्री बनारसी राम ने स्पष्ट किया कि अगर समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में कंप्यूटर ऑपरेटरों और परिजनों सहित व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
