लखनऊ : झांसी से आए किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर बुन्देलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) से जुड़े भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट के मुद्दे पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि बीडा के लिए चिह्नित 36 गांवों को सर्किल रेट से बाहर कर दिया गया है। 2015 के बाद से रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जिससे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। किसानों का आरोप है कि भाजपा सांसद की भूमि वाले गांवों को जानबूझकर बाहर कर दिया गया, जबकि अन्य गांवों को नजरअंदाज कर दिया गया।
जातिगत भेदभाव का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने जमीन के प्लाट-टू-प्लाट सर्वे, श्रेणी 3 की भूमि का उचित मुआवजा, भूखंड सुरक्षित रखने की मांग सहित कई बिंदुओं पर विचार की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत भेदभाव भी किया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। इसमें अखिलेश यादव (किसान नेता), अभिषेक यादव, चंद्रपाल सिंह यादव, प्रदीप यादव, संजु प्रधान, रिपुदमन सिंह यादव, श्री बिजेन्द्र सिंह भोजला (जिलाध्यक्ष, सपा झांसी) समेत दर्जनों किसान शामिल थे।
