लखनऊ : सिख समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट (मुलाकात) की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उन्हें सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि आज सिख समाज को सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उनकी समस्याओं को लेकर सरकारें गंभीर नहीं हैं और उनकी बातों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इस स्थिति से व्यथित होकर सिख समाज ने 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने का संकल्प लिया। सिख प्रतिनिधिमंडल में साहब सिंह कोटिया, गुरदयाल सिंह ढिल्लों, मोहन सिंह, इंदुजीत सिंह, रमनजीत सिंह, सकत्तर सिंह, रणजोत सिंह, जगतार सिंह, तलविंदर सिंह, रणजीत सिंह मंगू, संग्राम सिंह एवं मेवाराम वर्मा आदि शामिल थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सामाजिक न्याय, समानता और सभी वर्गों के सम्मान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पार्टी के सिद्धांतों से अपनी एकजुटता व्यक्त की।
शावेज जाफरी बने सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय महासचिव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी अधिवक्ता सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल ने शावेज जाफरी एडवोकेट, निवासी बेगमगंज गढैया, मोहम्मद पनाह का हाता, मदरसा मेराजुल उलूम, दिल्ली दरवाजा, जनपद फैजाबाद/अयोध्या को राष्ट्रीय महासचिव नामित किया है। बताया जाता है कि शावेज जाफरी को यह जिम्मेदारी उनके विधिक ज्ञान, सामाजिक समर्पण और पार्टी के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए दी गई है। समाजवादी पार्टी को विश्वास है कि श्री जाफरी अपनी नई भूमिका में न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की नीति को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे और अधिवक्ता समाज के साथ सशक्त संवाद स्थापित करेंगे।
