श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने और न्यूनतम वेतन 26 हजार करने की प्रमुख मांग, निजीकरण, महंगाई, बेरोजगारी और ठेका प्रथा के खिलाफ की जमकर नारेबाज़ी
बरेली : देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत मंगलवार को बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई।
मजदूरों की मांगें, वेतन, पेंशन, सुरक्षा और स्थायित्व
ज्ञापन में कोरोना काल में लागू किए गए श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड को तुरंत रद्द करने, न्यूनतम वेतन 26,000 मासिक तय करने, बैंक, बीमा, रेलवे और बिजली जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को रोकने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ठेका और संविदा कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देने तथा गीग वर्कर्स और वेंडर्स को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने, बरेली कॉलेज के आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों की बहाली, तथा बिजली विभाग के कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करने का आह्वान भी ज्ञापन में किया गया।
फेडरेशन अध्यक्ष ने पढ़ा ज्ञापन, महामंत्री ने दिया संघर्ष का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने सार्वजनिक रूप से ज्ञापन को पढ़कर सुनाया। महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों को “शोषणकारी” बताते हुए कहा कि देश के कर्मचारी और श्रमिक वर्ग व्यापक असंतोष में हैं। उन्होंने घोषणा की कि 9 जुलाई को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
वक्ताओं ने जताई एकजुटता, उठाईं ज्वलंत मांगें
डॉ. मुनीश गंगवार ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करते हुए NPS और UPS को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया। जितेंद्र मिश्रा ने बरेली कॉलेज के सफाई कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की। ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि वर्तमान पूंजीवादी ढांचे से लड़ने के लिए मजदूर वर्ग की एकजुटता और क्रांतिकारी सोच जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद फैसल ने किया। प्रदर्शन में जितेंद्र मिश्रा, डॉ. मुनीश गंगवार, दिनेश सक्सेना, सलीम अहमद, टी. डी. भास्कर, रंजन मोहले, के. पी. सिंह, अवतार सिंह, हरिशंकर, अफाक अहमद, सर्वेश मौर्य, पूरण मसीह, राहुल, राजेश तिवारी, यशपाल सिंह सहित दर्जनों ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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