नगर निगम की कार्रवाई से भड़के वकील, सड़कों पर प्रदर्शन कर फूंका सामान; हड़ताल का ऐलान
प्रयागराज/लखनऊ:प्रयागराज नगर निगम ने बुधवार सुबह कचहरी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सुबह 5 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में नगर निगम की टीम 6 बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। कार्रवाई के दौरान करीब 1000 वकीलों के अस्थायी चैंबर और लगभग 1500 दुकानें तोड़ी गईं। इसके विरोध में वकील और दुकानदार सड़कों पर उतर आए और मौके पर बिखरे सामान—जैसे टूटी कुर्सियां, बोर्ड और लकड़ियां—को आग के हवाले कर दिया। नगर निगम की टीम के साथ चार थानों की फोर्स मौजूद रही—कर्नलगंज, सिविल लाइंस, शिवकुटी और कैंट थाने के पुलिसकर्मी, PAC और RAF के जवान भी तैनात थे। कार्रवाई सुबह 9:30 बजे तक चली। जब बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंचे तो नगर निगम की टीम कार्रवाई रोककर वहां से चली गई।
वकीलों का आरोप: बिना चेतावनी दी गई कार्रवाई, कीमती सामान और फाइलें गायब

प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि नगर आयुक्त से पहले यह तय हुआ था कि जब तक नए चैंबर की व्यवस्था नहीं होती, पुराने चैंबर नहीं तोड़े जाएंगे। लेकिन आज सुबह नगर निगम की टीम “चोरों की तरह” पहुंची और तोड़फोड़ कर चली गई। वकीलों का कहना है कि उनके कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्टाम्प पेपर, लाखों रुपये का कैश, लैपटॉप और फाइलें भी गायब हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नगर आयुक्त और जिलाधिकारी के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया जाए और दोनों अधिकारियों का तत्काल ट्रांसफर किया जाए।
अधिवक्ता संघ की बैठक में आगे की रणनीति तय होगी
घटना के विरोध में वकीलों ने हड़ताल की घोषणा कर दी है। आज दोपहर जिला अधिवक्ता संघ की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
पुलिस कमिश्नर प्रयागराज का बयान
पुलिस कमिश्नर प्रयागराज ने THE JUSTICE HINDI से बातचीत में बताया कि घटनास्थल पर पर्याप्त फोर्स तैनात कर दी गई है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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