कैंजरा घाट पर मगरमच्छ का जानलेवा हमला, मगर, मौत से जंग जीत आया करन
लखनऊ/आगरा/बाह : यूपी और मध्य प्रदेश की सीमा पर बहने वाली रहस्यमयी और खूंखार मानी जाने वाली चंबल नदी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह बना है आगरा के गौंसिली गांव का 18 वर्षीय युवक करन, जिसने मगरमच्छ से सीधी भिड़ंत कर अपनी जान बचाई। घटना कैंजरा घाट की है। यहां नहाते समय यह भयावह मंजर सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करन अपने कुछ साथियों के साथ घाट पर नहा रहा था। अचानक पानी में छिपे एक मगरमच्छ ने करन पर पीछे से हमला किया और पहले उसके सिर पर वार किया, फिर बांह को जबड़े में जकड़ लिया और गहरे पानी की ओर खींचने लगा। हालात ऐसे बन गए कि सांसें थम जाएं, लेकिन करन ने हिम्मत नहीं हारी। उसने मगरमच्छ से जोरदार संघर्ष किया।
गांव वालों की बहादुरी और समय पर मदद से बची जान

घाट पर मौजूद अन्य युवकों ने शोर मचाया और लाठियों की मदद से मगरमच्छ को डराने की कोशिश की। करीब 1 मिनट तक पानी के भीतर चली संघर्षपूर्ण लड़ाई के बाद करन किसी तरह मगरमच्छ के चंगुल से निकल सका। उसका सिर और बांह बुरी तरह जख्मी हो चुका था। तुरंत परिजन उसे एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए।
मगरमच्छ क्यों हो रहे हमलावर? – नेस्टिंग और हैचिंग के चलते खतरा ज्यादा

बाह रेंज के रेंजर उदय प्रताप सिंह के अनुसार, घटना मध्य प्रदेश के छोर पर स्थित कैंजरा घाट की है। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में चंबल में मगरमच्छों की नेस्टिंग हुई है और अगले माह से हैचिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे समय में मगरमच्छ घोंसलों के आसपास किसी भी मानवीय हलचल को खतरे के रूप में देखते हैं, जिससे वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं।
40 गांवों में अलर्ट, नेस्टिंग ज़ोन में प्रवेश न करने की अपील
बाह रेंज के अंतर्गत आने वाले 40 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग द्वारा घाटों और नदी किनारों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ- साथ लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
