महेवा स्थित डीडीएस जूनियर हाईस्कूल की घटना, शिक्षक और स्टाफ मौके से फरार, पुलिस जांच में जुटी
लखनऊ/प्रयागराज : यूपी के प्रयागराज के नैनी क्षेत्र अंतर्गत महेवा में स्थित डीडीएस जूनियर हाईस्कूल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चार वर्षीय नर्सरी छात्र शिवाय जायसवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में पिटाई के कारण शिवाय की जान गई, जबकि स्कूल प्रबंधन इसे तबीयत बिगड़ने से हुई मृत्यु बता रहा है।
स्कूल से अस्पताल और फिर मौत की सूचना, परिजनों का फूटा गुस्सा

गांव महेवा पश्चिम पट्टी निवासी वीरेंद्र जायसवाल के बेटे शिवाय की तबीयत बिगड़ने की सूचना फोन पर परिजनों को दी गई। इससे पहले कि वे स्कूल पहुंच पाते, स्कूल स्टाफ बच्चे को कमला नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचा। चिकित्सकों ने शिवाय को मृत घोषित कर दिया, जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद शव को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सिर और जीभ पर चोट के निशान, परिजनों का गंभीर आरोप
परिजनों ने दावा किया कि शिवाय के सिर और जीभ पर चोट के निशान थे। जिससे जाहिर होता है कि बच्चे के साथ मारपीट की गई थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने समय पर पास के अस्पताल में न ले जाकर शहर के अस्पताल पहुंचाया, जिससे इलाज में देर हुई और मासूम की जान चली गई।
हंगामा और भगदड़, शिक्षक-कर्मचारी मौके से भागे
जैसे ही परिजन स्कूल पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों पर मारपीट और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बढ़ते तनाव को देख स्कूल के शिक्षक और अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर नैनी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
पुलिस जांच शुरू, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर
नैनी इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम ने बताया कि परिजनों से तहरीर प्राप्त हुई है, छात्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे की जांच भी की जा रही है और शिक्षिकाओं व स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष, “बच्चा अक्सर रोता था, आज भी यही हुआ”
विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण मोहन गुप्ता, जो इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं, ने फोन पर बताया कि शिवाय के माता-पिता पिछले कई दिनों से उसे स्कूल में अकेला छोड़ कर चले जाते थे, जिससे वह दिनभर रोता रहता था, जब वह ज्यादा रोने लगा, तो उसे उसके बड़े भाई सुमित (कक्षा 2) के पास भेज दिया गया। कुछ देर बाद वह अचानक अचेत होकर गिर पड़ा, जिसके बाद पास के डॉक्टर को दिखाया गया और फिर अस्पताल ले जाया गया।
