भाकियू का ट्रैक्टर मार्च का ऐलान, मंच पर बोलने से पहले किया विरोध
लखनऊ/ मुज़फ्फरनगर : यूपी के मुज़फ्फरनगर में आयोजित जन आक्रोश यात्रा के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के साथ असम्मानजनक व्यवहार होने की बात सामने आई है। यात्रा में मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने विरोध प्रदर्शन करते हुए किसान नेता टिकैत के साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान उनकी पगड़ी गिर गई और एक युवक ने झंडे से हमला करने की कोशिश की। इस घटना से आहत भाकियू ने शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया है। इस मार्च में 168 संगठन शामिल हुए थे। रैली के समर्थन में बाजार भी बंद था।
माइक संभालते ही विरोध
शुक्रवार को टाउनहॉल मैदान पर हिंदू संगठनों द्वारा आयोजित जन आक्रोश यात्रा में राकेश टिकैत संबोधन के लिए मंच पर पहुंचे। उनके माइक संभालते ही कुछ लोगों द्वारा हूटिंग और विरोध झेलना पड़ा। विरोध तेज़ होते देख सुरक्षाकर्मियों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया। इसी बीच एक युवक ने झंडे से उनके सिर पर वार करने की कोशिश की। उसको कार्यकर्ताओं ने रोक लिया, जैसे ही टिकैत युवक की ओर बढ़े, भीड़ में पीछे खड़े एक व्यक्ति का हाथ लगने से उनकी पगड़ी गिर गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें दोबारा पगड़ी पहनाई और पुलिस ने उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकाला।घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस सुरक्षा के बीच टिकैत को सकुशल बाहर निकाला गया।
जानें क्या था विवाद
घटना के पीछे हाल ही में पहलगाम प्रकरण के संदर्भ में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सिंधु नदी का पानी बंद किए जाने को गलत ठहराने वाला बयान माना जा रहा है। इस बयान से कई संगठन असहमति जता चुके हैं। इसके साथ ही भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के पूर्व बयानों से नाराजगी भी सामने आई है।
टिकैत का बयान: किसान आंदोलन को कुचलने की साजिश
घटना के बाद राकेश टिकैत ने मीडिया से कहा, “जन आक्रोश यात्रा को कैप्चर कर लिया गया था। यह किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास है। पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। घटना की वीडियो फुटेज उपलब्ध है। हम शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे, जो सबका होगा।” इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। संगठन ने ऐलान किया है कि विरोध में शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा, जिसमें सभी किसान संगठनों और नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
