लखनऊ/कानपुर : देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली- एनसीआर, महाराष्ट्र, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों से कोविड पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट पर है और अस्पतालों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच एक 6 वर्षीय बच्ची की बेंगलुरु में कोरोना से मौत की खबर ने चिंता को और बढ़ा दिया है, लेकिन इस डर और तनाव के माहौल के बीच IIT कानपुर से आई एक वैज्ञानिक राय ने देशवासियों को राहत की साँस दी है।
IIT कानपुर के डायरेक्टर बोले, “घबराएं नहीं, यह केवल ओमिक्रॉन का माइल्ड सब-वेरिएंट”
IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने मीडिया में जारी अपने बयान में कहा कि मौजूदा समय में कोरोना के जो मामले सामने आ रहे हैं। वे ओमिक्रॉन के माइल्ड सब-वेरिएंट से जुड़े हैं। उनके अनुसार, “देश की आबादी के अनुपात में अभी जो केस दिख रहे हैं, वो बहुत कम हैं। जब संक्रमण की संख्या इतनी सीमित होती है, तो उन पर गणितीय मॉडल (Mathematical Models) भी असरदार ढंग से काम नहीं करते।” उनका कहना है कि 2022 के बाद से बार-बार ऐसा देखा गया है कि किसी सब-वेरिएंट के कारण थोड़े समय के लिए मामलों में वृद्धि होती है, लेकिन कुछ ही हफ्तों में वह गिरावट पर आ जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही पैटर्न दिख रहा है।
कोरोना को साधारण बुखार की तरह लें: IIT डायरेक्टर की सलाह
डॉ. अग्रवाल ने कहा, “डॉक्टरों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया सब-वेरिएंट माइल्ड है। इसे घातक या गंभीर संक्रमण के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए। इसकी लक्षणात्मक स्थिति सामान्य बुखार जैसी ही है — हल्का बुखार, खांसी या शरीर में दर्द।”उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इस समय साधारण सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे मास्क का उपयोग, हाथों की साफ-सफाई, और भीड़ से बचना।
केंद्र सरकार अलर्ट, लेकिन लॉकडाउन जैसी कोई योजना नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है और राज्यों को RT-PCR जांच बढ़ाने, आइसोलेशन बेड तैयार रखने और अस्पतालों को एक्टिव मोड पर रहने को कहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल लॉकडाउन जैसी कोई योजना नहीं है, और स्थितियां नियंत्रण में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, देश की बड़ी आबादी अब तक वैक्सीनेटेड है या पहले संक्रमण का सामना कर चुकी है, जिससे हर्ड इम्यूनिटी काफी हद तक विकसित हो चुकी है।
बुखार, सर्दी-खांसी पर यह सलाह
किसी को भी बुखार, सर्दी-खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। घर में आराम करें और मास्क पहनें, जरूरत के अनुसार बुखार की दवा लें, भीड़भाड़ से बचें, नियमि
त रूप से हाथ धोते रहें
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