लखनऊ/ अमेठी : यूपी के अमेठी में एक शादी समारोह में डीजे पर मनपसंद गाना बजाने को लेकर हुआ मामूली विवाद दो युवकों की जान ले बैठा। देर रात गौरीगंज नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 24 निवासी आशीष (19 वर्ष) और रवि (18 वर्ष) की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जाने कैसे हुआ हादसा
शिवबहादुर के बेटे आशीष और गांव के ही शिवरतन के बेटे रवि रात को सरैया मजरे सराय हृदयशाह गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। बरात बलभद्रपुर जामों से आई थी। डीजे पर गाने को लेकर दोनों युवकों का कुछ अन्य लड़कों से विवाद हो गया। मामला यहीं नहीं रुका—भोजन के दौरान भी कहासुनी जारी रही। रात करीब 11:30 बजे, जब आशीष और रवि बाइक से घर लौट रहे थे, तो कुछ युवक उनका पीछा करने लगे। जान बचाने के लिए दोनों सरौली गांव में बहन के घर की ओर भागे, लेकिन पाठक का पुरवा के पास हमलावरों ने उनकी बाइक ओवरटेक कर ली और लोहे की रॉड, हॉकी व लाठियों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को पहले जिला अस्पताल, फिर रायबरेली एम्स और आखिर में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। मगर तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
मुकदमा दर्ज, पांच आरोपी हिरासत में
आशीष के पिता शिव बहादुर की तहरीर पर जामों थाना में सात नामजद और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दीपक पुत्र बिहारी, संदीप,शिवा,मालिक,शानू उर्फ संतोष कुमार,हल्ला उर्फ तेज बहादुर,ध्रुवे के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शेष की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मातम में डूबे दोनों परिवार
घटना के बाद पूरे लोधन गांव में कोहराम मच गया है। आशीष की मां सोनी बेसुध हैं। भाई-बहन की आंखें सूजी हुई हैं और पिता गुमसुम हैं। उधर, रवि के परिवार की स्थिति भी बेहद दुखद है। मां पार्वती हर किसी से बेटे का हाल पूछती और फिर फूट-फूटकर रो पड़तीं।
एक छोटी चूक, दो जिंदगियों की कीमत
जानकारों का कहना है कि यदि दोनों युवक गौरीगंज की ओर मुड़ते, तो मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर डायल 112 पुलिस वाहन की सहायता मिल सकती थी। लेकिन वे बहन से घर की ओर भागे, जहां रास्ता सुनसान था और हमलावरों को हमला करने का पूरा मौका मिल गया।
शादी समारोह में मातम का माहौल
जहां रात तक शादी की खुशियां और डीजे की धुनें गूंज रही थीं, वहीं कुछ ही घंटों में सन्नाटा पसर गया। विवाद की खबर मिलते ही शादी की रस्में अधूरी रह गईं। बाराती लौट गए और घराती घायल युवकों के साथ अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
