लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों और व्यापार जगत दोनों को बड़ा राहत पैकेज दिया है। राज्य में गन्ना किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य को बढ़ा दिया गया है। नई दरों के अनुसार अगैती प्रजाति के गन्ने का मूल्य अब 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से गन्ना किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में सीधा लाभ होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान लगातार लागत मूल्य के बढ़ने की बात उठा रहे थे। इसलिए यह निर्णय किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने व्यापार और उद्योग जगत को भी बड़ी राहत दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कैबिनेट द्वारा “उत्तर प्रदेश सुगम व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025” को मंजूरी दी गई। इस अध्यादेश के लागू होने से प्रदेश में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 प्रमुख अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त कर दिए गए हैं। अब छोटी-मोटी तकनीकी भूलों या उल्लंघनों के मामलों में उद्यमियों और व्यापारियों को जेल भेजने की बजाय आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था लागू होगी। पहले मामूली त्रुटियों पर भी कारावास का प्रावधान था, जिसके कारण उद्योग जगत में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता था। अब निवेशकों को अधिक सुरक्षित और सहज वातावरण मिलेगा जिससे प्रदेश में व्यवसायों का विस्तार तेज हो सकेगा।
सरकार का दावा है कि नए अध्यादेश से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह बदलाव फैक्ट्री अधिनियम, दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, बॉयलर अधिनियम और अनुबंध श्रमिक अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर लागू होगा। इन नियमों में संशोधन करके उन बाधाओं को कम किया गया है जो उद्यमियों को उत्पादन बढ़ाने और निवेश करने में मुश्किल पैदा करती थीं।
किसानों को गन्ने के बढ़े मूल्य से जहां उनकी फसल का उचित लाभ मिलेगा, वहीं व्यापारियों और उद्योग संचालकों को कानूनी बोझ से राहत मिलने के बाद उद्योगों के विस्तार का रास्ता और साफ होगा। इन दोनों फैसलों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोहरे स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है। एक तरफ कृषि क्षेत्र मजबूत होगा तो दूसरी तरफ औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। राज्य सरकार इसे उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
