एसपी चीफ बोले- महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं विपक्ष, जब गिनती ही गलत, तो आरक्षण कैसे सही?बीजेपी पर ‘फूट डालो राजनीति का आरोप, स्टूडेंट यूनियन चुनाव बंद, तो खत्म होगी राजनीति की नर्सरी
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक नई जनगणना पूरी नहीं हो जाती, तब तक महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि अगर नीति की बुनियाद ही।कमजोर हो, तो उसका परिणाम सही नहीं हो सकता। उनका कहना था कि 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा। महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि विपक्ष इस बिल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था और अब यह कानून भी बन चुका है।
“जब गिनती ही गलत, तो आरक्षण कैसे?”
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने तर्क देते हुए कहा कि “अगर गिनती ही गलत होगी, तो आरक्षण सही कैसे हो सकता है?”उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार जानबूझकर जनगणना टाल रही है, ताकि वास्तविक सामाजिक संरचना सामने न आए। उनके मुताबिक, नई जनगणना के बिना महिला आरक्षण का पूरा ढांचा अधूरा और असमान रहेगा।
‘आरक्षण के भीतर आरक्षण’ की मांग
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे चाहते हैं कि इसमें दलित, पिछड़े,आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को अलग से प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने “आरक्षण के भीतर आरक्षण” की वकालत करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वंचित वर्ग की महिलाएं इस कानून के लाभ से बाहर रह जाएंगी।
“स्टूडेंट यूनियन चुनाव बंद तो खत्म होगी राजनीति की नर्सरी”
पूर्व सीएम ने छात्र राजनीति और महिला भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर स्टूडेंट यूनियन के चुनाव नहीं होंगे, तो राजनीति की नर्सरी ही खत्म हो जाएगी। क्योंकि, यहीं से भविष्य के नेता तैयार होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को राजनीति में आने से रोकने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र किए जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
बीजेपी की राजनीति “फूट डालो और राज करो”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी की राजनीति को “फूट डालो और राज करो” की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि“पहले अविश्वास पैदा किया जाता है, फिर समाज को बांटा जाता है और अंत में डर के जरिए समर्थन लिया जाता है।” उन्होंने दावा किया कि अब यह रणनीति जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है और इसका असर कम हो रहा है।
चाय वाले को भेंट किए पीतल के बर्तन भेंट
इस बीच, फतेहपुर के एक चाय विक्रेता का मामला भी सुर्खियों में रहा। अखिलेश यादव ने उस चाय विक्रेता को अपने कार्यालय बुलाकर पीतल के बर्तन भेंट किए, जिसके यहां उन्होंने पहले चाय पी थी और बाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने।छापेमारी की थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि“अगर एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाना गलत है, तो मेरा घर भी सील कर दो।”इस कार्रवाई को उन्होंने गरीबों को परेशान करने वाला कदम बताया और आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।
पीएम के संबोधन पर भी साधा निशाना
उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन पर भी मायूसी जताई। उन्होंने कहा कि देश को उम्मीद थी कि कोई बड़ा ऐलान होगा, लेकिन अंत में कुछ ठोस नहीं मिला। उनका आरोप था कि बीजेपी महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है।
विकासनगर की आग के पीछे भाजपा!
लखनऊ के विकासनगर में लगी आग को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “विकासनगर में जो आग लगी है, वो भाजपाइयों ने लगवाई है” और दावा किया कि लखनऊ में तालाबों और जमीनों पर कब्जा भी भाजपा से जुड़े लोग कर रहे हैं।
