बिहार का आर्थिक अपहरण!” सपा प्रमुख का BJP पर तंज, बोले -फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी-इजराइली हमलों का असर हिंद महासागर और भारत की सीमाओं के करीब तक पहुंचना देश के लिए चिंता का विषय है, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। सपा मुख्यालय से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह ‘चुप्पी’ है या किसी विशेष भय के कारण सरकार बोल नहीं पा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है जैसे सरकार के “होंठ किसी ने सिल दिए हों” और जनता पूछ रही है कि आखिर सरकार की क्या मजबूरी है।
अंतरराष्ट्रीय संकट पर सरकार मौन क्यों?
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय और संवेदनशील विषय है, इसलिए देश की सरकार विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की संयुक्त जिम्मेदारी बनती है कि वे देश के सामने अपना स्पष्ट पक्ष रखें। उन्होंने कहा कि कई दिनों के इंतजार के बावजूद सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया। इसलिए विपक्ष को मजबूर होकर इस मुद्दे पर बोलना पड़ रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि ऐसे संकट के समय केंद्र सरकार को आगे आकर देश की जल, थल और वायु सीमाओं की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रणनीति बतानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की चुप्पी से देशवासी असमंजस में हैं और उन्हें लग रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने के बजाय मौन साधे हुए है।
नाकामियों को छिपाती है सरकार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए अक्सर अस्पष्ट नीतियों का सहारा लेती है। उनका आरोप है कि आने वाले संसद सत्र में भी कोई विवादित मुद्दा उठाकर सरकार अपने असफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर सकती है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की चुप्पी से जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे देश में “सरकार -शून्यता” की स्थिति बन गई हो।
ईरान में हमलों की अखिलेश यादव ने की कड़ी निंदा, कहा-मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून पर खतरा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ईरान में हुए हमलों की कड़ी निंदा की है।उन्होंने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर इज़रायली – अमेरिकी हमले में 165 छात्राओं की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि ऐसे हमले जेनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना के खिलाफ हैं, जो युद्ध के समय भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। अखिलेश यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
“बिहार का आर्थिक अपहरण!” अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा तंज कसते हुए बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण है। देखने में यह राजनीतिक अपहरण लग रहा है, लेकिन वास्तव में यह बिहार का आर्थिक अपहरण है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने मानो फिरौती में पूरा बिहार ही मांग लिया हो। उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों और आर्थिक हितों पर कब्जे की कोशिश है। सपा प्रमुख ने इशारों-इशारों में चेतावनी देते हुए कहा कि “अगला नंबर किसका होगा… समझदार को इशारा काफी है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
