पीलीभीत/लखनऊ: पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में वन विभाग की गश्ती टीम पर देर रात कथित लकड़ी तस्करों और ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में वन दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए, जबकि हमलावरों ने वन विभाग की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और वन विभाग ने 60 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
लकड़ी से भरी गाड़ी रोकने पर भड़का विवाद
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मंगलवार देर रात टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान जंगल से सटे इलाके में एक डनलप गाड़ी में लकड़ी भरकर ले जाते कुछ लोग दिखाई दिए। वनकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ करने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। अचानक हुए हमले में बनकटी चौकी प्रभारी वन दरोगा सुमित कुमार और टाइगर ट्रेकर धर्मेंद्र के सिर और हाथ में चोटें आईं। इसके अलावा वन विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी चोटें लगीं।
घायलों का कराया गया मेडिकल
हमले के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारियों में भी नाराजगी देखी गई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
सरकारी गाड़ी में भी तोड़फोड़
मारपीट के दौरान हमलावरों ने वन विभाग की गश्ती गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। अचानक हुए हमले के कारण टीम को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया।
64 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
वन दरोगा सुमित कुमार की तहरीर पर न्यूरिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने नितिन, बंटी, लाला राम राजपूत और प्रेम समेत 14 नामजद तथा करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवाद में दो ग्रामीण भी घायल
घटना के दौरान गांव मरौरी निवासी अशोक कुमार और ओम प्रकाश भी घायल हुए हैं। उनका कहना है कि वे खेत पर जानवरों की रखवाली कर रहे थे और विवाद के दौरान उन्हें भी चोट लग गई। हालांकि, वन विभाग की तहरीर में उनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं। थानाध्यक्ष सुभाष मावी के अनुसार, वन विभाग की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
