वियतनाम नाव हादसा: चश्मदीद ने बताया कैसे 300 मीटर में पलट गई नाव, 15 भारतीयों की मौत
फू क्वोक द्वीप के पास दर्दनाक हादसे में 15 भारतीयों की मौत, प्रत्यक्षदर्शी बोला- कुछ समझ पाते उससे पहले नाव पलट गई; लावा कंपनी ने मृतकों की पुष्टि की
नई दिल्ली/वियतनाम : वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को हुए भीषण नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शी के बयान ने पूरी घटना की भयावह तस्वीर सामने रख दी है। चश्मदीद के अनुसार स्पीडबोट द्वीप से महज 300 से 400 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि अचानक पलट गई। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल से जुड़े बताए गए हैं।
‘कुछ समझ पाते उससे पहले नाव पलट गई’

आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी और लावा इंटरनेशनल के डिस्ट्रीब्यूटर आशीष कुमार ने बताया कि कंपनी की ओर से डिस्ट्रीब्यूटर, विक्रेता और कर्मचारियों के लिए वियतनाम टूर आयोजित किया गया था। सभी 9 जुलाई को वियतनाम पहुंचे थे और रविवार को भारत लौटने वाले थे। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को तीन अलग-अलग स्पीडबोट से द्वीपों तक ले जाया गया था। हादसे के समय 32 भारतीय पर्यटकों को लेकर एक नाव दूसरे द्वीप की ओर रवाना हुई थी। स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे नाव ने मुश्किल से 300-400 मीटर की दूरी तय की थी कि वह अचानक पलट गई। आशीष ने बताया, “हम लोग फोटो खींच रहे थे। कुछ समझ पाते उससे पहले ही नाव पलट गई। हम सभी मदद के लिए चिल्लाने लगे।”
बचाव दल पहुंचा, लेकिन मेडिकल टीम नहीं थी मौजूद
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, बचाव दल तेजी से मौके पर पहुंच गया और घायलों व शवों को किनारे लाया गया, लेकिन शुरुआती समय में वहां कोई मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि घायलों को तत्काल सीपीआर देने के लिए भी पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। आशीष ने बताया कि उनके परिचित एक डिस्ट्रीब्यूटर अपनी पत्नी के साथ उसी नाव में थे। हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि वह स्वयं अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
लावा कंपनी ने की 15 मौतों की पुष्टि
मोबाइल निर्माता कंपनी लावा इंटरनेशनल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में पुष्टि की कि हादसे में उसके 14 चैनल पार्टनर और कंपनी के एक कर्मचारी की मौत हुई है। कंपनी ने कहा कि यह अपूरणीय क्षति है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी ने बताया कि वह वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है तथा मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी है।
21 लोगों को बचाया गया, दो की हालत गंभीर
वियतनाम प्रशासन के अनुसार हादसे में कुल 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हुई है। वहीं 21 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 17 यात्री और चार क्रू सदस्य शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका गहन चिकित्सा इकाई में इलाज चल रहा है।
वियतनाम सरकार ने दिए जांच के आदे

वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वियतनाम के विदेश मंत्रालय को भारतीय दूतावास के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित भारतीय परिवारों की मदद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परिवारों में मातम, शव भारत लाने की मांग
हादसे में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। मृतकों के परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग की है। हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
