पासपोर्ट सत्यापन के दौरान खुला बड़ा राज, तीन अलग-अलग जन्मतिथियों पर जारी हुए पासपोर्ट; क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच
पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पासपोर्ट सत्यापन के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने अलग-अलग जन्मतिथि और व्यक्तिगत विवरण का इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग पासपोर्ट बनवा लिए। मामला सामने आने के बाद बरेली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक पीलीभीत को पत्र भेजकर जांच और कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।
जानकारी के अनुसार, घुंघचाई थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनिया जगत निवासी सिमर प्रीत ने पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) के लिए आवेदन किया था। आवेदन की जांच के दौरान पासपोर्ट कार्यालय को संदेह हुआ कि आवेदक के नाम पहले से दो अन्य पासपोर्ट भी जारी हैं और तीनों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज है।
पासपोर्ट कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 में बरेली पासपोर्ट कार्यालय से जारी पासपोर्ट में जन्मतिथि 10 मार्च 1999 दर्ज है। इसके बाद वर्ष 2023 में लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से जारी दूसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 29 मई 2001 अंकित पाई गई। वहीं 15 दिसंबर 2023 को जारी तीसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 19 नवंबर 2002 दर्ज है।
एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर तीन पासपोर्ट जारी होने पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए विस्तृत जांच की सिफारिश की है। वरिष्ठ अधीक्षक पासपोर्ट की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर घुंघचाई थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
क्षेत्राधिकारी विधि भूषण मौर्या ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अलग-अलग दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट कैसे जारी हुए और इस प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।