बरेली: 46वें सालाना उर्स-ए-फ़ैज़ानिया और हज़रत ख्वाजा फ़ैज़ान अहमद नासरी साबरी (रह.) के 46वें उर्स का आयोजन इस वर्ष 24 से 29 जुलाई तक बरेली और फरीदपुर में किया जाएगा। उर्स के दौरान मीलाद शरीफ़,महफ़िल-ए-सिमाअ, कुल शरीफ़, लंगर, नआत ख़्वानी और ऑल इंडिया मुशायरे समेत कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के आने की उम्मीद है। यह जानकारी सज्जादानशीन ख्वाजा सय्यद शाह सुल्तान अहमद नासरी ने दी है।।
24 से 26 जुलाई तक फरीदपुर में होंगे उर्स के कार्यक्रम

उर्स का पहला चरण 24, 25 और 26 जुलाई को फरीदपुर स्थित हाजी मसीतुल्लाह खां (पूर्व चेयरमैन) के आवास पर आयोजित किया जाएगा। 24 जुलाई को नमाज़-ए-इशा के बाद मीलाद शरीफ़ होगी। 25 जुलाई को कुरान ख्वानी के बाद उलमा तकरीर करेंगें। 26 जुलाई को दोपहर 12 बजे कुल शरीफ़, नमाज़-ए-जुहर के बाद लंगर और रात में महफ़िल-ए-सिमाअ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।
27 से 29 जुलाई तक दरगाह नासिर मियां में होगा मुख्य आयोजन
उर्स का दूसरा चरण 27 से 29 जुलाई तक दरगाह हज़रत नासिर मियां (रह.), सिविल लाइंस, बरेली में आयोजित होगा। 27 जुलाई को नमाज़-ए-असर के बाद कार्यक्रम शुरू होंगे और नमाज़-ए-मगरिब के बाद परचम कुशाई, ख़त्म शरीफ़ और महफ़िल-ए-सिमाअ होगी। 28 जुलाई को लंगर शरीफ़, ख़त्म शरीफ़ और रात में महफ़िल -ए-सिमाअ आयोजित की जाएगी। 29 जुलाई को नआत ख़्वानी,और कुल शरीफ के बाद उर्स संपन्न होगा। इस दौरान लंगर और दुआ की जायेगी।
28 जुलाई की रात सजेगा ऑल इंडिया मुशायरा
उर्स के दौरान 28 जुलाई को नमाज़-ए-इशा के बाद दरगाह हज़रत नासिर मियां (रह.) में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। मुशायरे की निज़ामत असरार नसीमी करेंगे, जबकि बिलाल राज़ कनवीनर रहेंगे। मुशायरे में अज़्म शाकरी, अमजद आतिश, तस्लीम सरवर, ख्वाजा शायान हसन, सलमान आरिफ़, राहुल शर्मा, खालिद सुल्तानपुरी, डॉ. नाज़िम बरेलवी, अदनान काशिफ़, बाक़र ज़ैदी, बिलाल सहारनपुरी, खुर्रम सुल्तान और अमजद अज़ीम सहित कई प्रसिद्ध शायर अपनी प्रस्तुति देंगे।
अकीदतमंदों से शिरकत की अपील
आयोजकों ने बताया कि उर्स का उद्देश्य हज़रत ख्वाजा फ़ैज़ान अहमद नासरी साबरी (रह.) और दरगाह नासिर मियां (रह.) से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है। इसमें मीलाद शरीफ़, महफ़िल-ए-सिमाअ,नआत ख़्वानी, लंगर और दुआ का विशेष आयोजन रहेगा। आयोजकों ने सभी अकीदतमंदों और आम लोगों से कार्यक्रमों में शामिल होकर उर्स की रूहानी फ़ज़ा का हिस्सा बनने की अपील की है।
