लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक पूरी करने का समय था, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने इसे बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दिया है। अब प्रदेश के लोग 26 दिसंबर तक अपने नाम मतदाता सूची में जोड़वाने, संशोधित करने या हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस विस्तार का निर्णय राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
इसके साथ ही, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन भी आगे बढ़ा दिया गया है। पहले 16 दिसंबर को यह सूची प्रकाशित होने वाली थी, अब इसे 31 दिसंबर को जारी किया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वैध मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा और फरवरी 2026 में फाइनल सूची प्रकाशित होने के बाद भी नए वोटरों को फॉर्म 6 भरकर सूची में शामिल किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में लगभग 91 फीसदी गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से 80 फीसदी फॉर्म भरकर जमा किए जा चुके हैं। 2003 की वोटर लिस्ट से लगभग 76 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। हालांकि, लगभग 18 फीसदी यानी 2.91 करोड़ वोटर्स तक फॉर्म नहीं पहुंचा है, जिन्हें सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी।
नवदीप रिणवा ने बताया कि आयोग से अतिरिक्त दो सप्ताह का समय मांगा गया था और इसे मंजूरी मिल गई है। इस अतिरिक्त समय के जरिए चुनाव आयोग को SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न कराने में मदद मिलेगी और सभी योग्य मतदाता सूची में शामिल हो सकेंगे।
