अरुणाचल प्रदेश : भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के चगलागाम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई बुधवार को हायुलियांग-चगलागाम सड़क पर किलोमीटर 40 के पास हुई वाहन दुर्घटना के बाद शुरू की गई। जानकारी के अनुसार, 8 दिसंबर की रात एक ट्रक में 22 मजदूर सवार थे, जो खाई में गिर गया। हादसा चगलागाम से लगभग 12 किलोमीटर पहले दुर्गम इलाके में हुआ, जहां सीमित संपर्क होने के कारण स्थानीय एजेंसियों या नागरिक प्रतिनिधियों द्वारा तुरंत सूचना नहीं दी जा सकी।
एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि दुर्घटना के बाद वह किसी तरह चिप्रा जीआरईएफ कैंप तक पहुँच पाया और घटना की जानकारी दी। इस सूचना के बाद गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस रावत ने बताया कि स्पीयर कोर की कई सर्च और रेस्क्यू टीमें, मेडिकल दल, जीआरईएफ प्रतिनिधि, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ और एडीसी हायुलियांग मौके पर भेजे गए।
करीब चार घंटे की तलाशी और रस्सी की मदद से टीम ने ट्रक को सड़क से लगभग 200 मीटर नीचे, घने जंगल और पत्तियों के बीच पाया। अब तक 18 शवों को देखा जा चुका है, जिनमें से 17 को निकाल लिया गया है। 19 मजदूरों की पहचान हो चुकी है। सभी मृतक तिनसुकिया जिले के एक ही गांव के निवासी थे और अरुणाचल में एक हॉस्टल निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
डंपर ट्रक मजदूरों को निर्माण स्थल पर ले जा रहा था। मृतकों में बुधेस्वर दीप, राहुल कुमार, समीर दीप, जून कुमार, पंकज मांकी, अजय मांकी, विजय कुमार, अभय भूमिज, रोहित मांकी, बीरेन्द्र कुमार, अगर तांती, धीरन चेटिया, रजनी नाग, दीप ग्वाला, रामचाबक सोनार, सोनाटन नाग, संजय कुमार, करण कुमार और जोनास मुंडा शामिल हैं। डिप्टी कमिश्नर स्वप्निल पॉल ने बताया कि सुबह 11 बजे उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली। अंजॉ जिले के डीसी और तेजू के अधिकारियों के साथ मिलकर सेना और सिविल प्रशासन ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब दृश्यता के बावजूद शेष लोगों की तलाश और त्वरित सहायता प्रदान करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कहा कि बचाव कार्य लगातार जारी है और राहत एवं पुनर्प्राप्ति कार्य में पूरी तैनाती के साथ सभी एजेंसियां लगी हुई हैं।
