नई दिल्ली : दिवाली का त्योहार रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह रात हादसों और हंगामों की भेंट चढ़ गई। प्रयागराज, आगरा और वाराणसी में आतिशबाज़ी और सिलेंडर विस्फोट के चलते आग की घटनाएँ हुईं, वहीं प्रयागराज में ही पटाखा बाजार में युवकों के बीच जमकर मारपीट भी हुई।
प्रयागराज में दो ट्रकों में लगी आग, दिवाली की रात मची अफरातफरी
प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में दिवाली की रात आतिशबाज़ी के दौरान सड़क किनारे खड़ी दो ट्रकों में अचानक आग लग गई। यह घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। आसपास के लोग जब दिवाली मना रहे थे, तभी ट्रकों में आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतिशबाज़ी की एक चिंगारी ट्रकों तक जा पहुंची, जिससे पहले एक ट्रक में आग लगी और फिर वह दूसरे ट्रक तक फैल गई।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद एक ट्रक की आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दूसरा ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। आसपास की बस्ती में रहने वाले लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे अन्य वाहन और घर सुरक्षित रहे।
आगरा में सिलेंडर धमाके से दो मंजिला मकान ढहा, छह लोग घायल

आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के किशोरपुरा गली नंबर 5 में दिवाली की शाम बड़ा हादसा हो गया। सोमवार शाम करीब 7 बजे एक घर में गैस सिलेंडर फट गया, जिससे दो मंजिला मकान और नीचे की दुकान जमींदोज हो गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की गलियों में अफरातफरी मच गई।
मलबे में दबे छह लोगों को स्थानीय लोगों और पुलिस ने निकालकर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब नाई की दुकान में ग्राहक बाल कटवा रहे थे। धमाके के बाद पूरा मकान ध्वस्त हो गया और लोग मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मकान मालिक रामजी लाल घर में गंधक-पोटाश का अवैध कारोबार करते थे। लोगों का कहना है कि सिलेंडर नहीं, बल्कि गंधक-पोटाश के कारण धमाका हुआ। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने घटनास्थल से सिलेंडर को छुपाकर क्यों ले जाया, क्या असल वजह छिपाई जा रही है?
वाराणसी में कबाड़ की दुकान में लगी आग, जलकर राख हुआ सारा सामान

वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र की सुंदरपुर ब्रिज एंक्लेव कॉलोनी में कबाड़ की दुकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रदीप कुमार नामक व्यक्ति की यह दुकान कबाड़ से भरी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि सारा सामान जलकर राख हो गया।
आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने संयुक्त रूप से आग पर काबू पाया। स्थानीय पार्षद मदनमोहन तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में शक है कि पटाखे की चिंगारी से आग लगी। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रयागराज में दिवाली की रात पटाखा बाजार में युवकों में मारपीट, अफरातफरी मची
प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में यात्रिक होटल के पास पटाखा बाजार में दिवाली की रात जमकर हंगामा हुआ। पटाखे की खरीदारी के दौरान दाम को लेकर दो गुटों में कहासुनी हो गई जो मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए और कुछ देर बाद लाइसेंसी पिस्टल तक निकाल ली गई।
हालांकि पुलिस ने फायरिंग की बात से इनकार किया है। इस झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो घायल युवकों को अस्पताल भिजवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिवाली की रात पूरे प्रदेश में जहां लोग रोशनी और खुशियों में डूबे थे, वहीं कई स्थानों पर हादसे और हंगामे ने त्योहार की रौनक फीकी कर दी। प्रशासन ने आग और विस्फोट से सबक लेते हुए सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
