लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति एवं पारिवारिक लाभ योजनाओं के तहत बड़ी धनराशि का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) किया। इस दौरान प्रदेश के कक्षा 9-10 और दशमोत्तर के 27 लाख 99 हजार 982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में करीब 3,350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद देना और उन्हें किसी भी तरह की वित्तीय बाधा से बचाना है। खास बात यह है कि यह छात्रवृत्ति किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को समान रूप से इसका लाभ दिया गया है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की मंशा है कि कोई भी छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के 6.68 लाख छात्रों को करीब 467.94 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 4.95 लाख छात्रों को 779.10 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख छात्रों को लगभग 1838.59 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 2.75 लाख छात्रों को 252.76 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति के 7,236 छात्रों को करीब 11.61 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
सरकार द्वारा DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि भेजने से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। इससे छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रख सकें। इस योजना से खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में आ जाते थे। अब इस सहायता से उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है।
