भविष्य निधि कार्यालय पर सैकड़ों पेंशनर जुटे, 2 अप्रैल तक फैसला न हुआ, तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बरेली : शहर में ईपीएस-95 पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भविष्य निधि (EPFO) कार्यालय के सामने सैकड़ों की संख्या में पेंशनर इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बरेली के साथ-साथ मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर समेत आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
7500 रुपये न्यूनतम पेंशन और DA की मांग
पेंशनरों की मुख्य मांग है कि मौजूदा न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति माह की जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA) देने की भी मांग उठाई गई।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में 1000 रुपये में गुजारा संभव नहीं है।
2 अप्रैल तक फैसला नहीं तो आंदोलन तेज
पेंशनर संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि इस मुद्दे पर संसदीय समिति अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप चुकी है। ऐसे में उन्होंने 2 अप्रैल 2026 तक मांगें पूरी करने की समयसीमा दी है।चेतावनी दी गई कि तय समय तक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम से बढ़ा उत्साह
धरने के दौरान प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने जोशीले गीत प्रस्तुत किए, जिससे प्रदर्शन में शामिल पेंशनरों का उत्साह बढ़ गया और माहौल और अधिक ऊर्जावान हो गया।
मेडिकल सुविधा और आयुष्मान योजना की भी मांग
पेंशनरों ने अन्य मांगों में पति-पत्नी दोनों को मेडिकल सुविधा देने और आयुष्मान भारत योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों और 2022 के आदेशों को बिना भेदभाव लागू करने की भी बात कही।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में पेंशनरों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भविष्य निधि कार्यालय के कमिश्नर और जिला प्रशासन को सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और व्यापक रूप
