रायबरेली/लखनऊ : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुँचे। जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया, वहीं प्रदेश सरकार में उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राहुल गांधी के खिलाफ सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध स्थल पर पोस्टर-बैनर लगे थे और ‘राहुल गांधी वापस जाओ’ के नारे लगाए गए। इससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
मंत्री का विरोध प्रदर्शन
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हरचंदपुर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के पास हाईवे पर खड़े होकर विरोध जताया। यह पहला मौका है,।जब उन्होंने खुले तौर पर सांसद राहुल गांधी का विरोध किया। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, तो हल्की धक्कामुक्की भी हुई। 11 सितंबर को प्रस्तावित दिशा की बैठक से पहले इस घटना ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वागत
राहुल गांधी सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुँचे, जहाँ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा मोना ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला रायबरेली के लिए रवाना हुआ। जिले की सीमा पर स्थित चुरुवा मंदिर पर नहीं रुके और सीधे हरचंदपुर की ओर बढ़े। बछरावां कस्बे में कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और “वोट चोर गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए।
पोस्टर बना चर्चा का विषय
राहुल गांधी के दौरे के दौरान रायबरेली शहर में एक विवादित पोस्टर लगाया गया, जिस पर लिखा गया – “इंडिया की अंतिम आस, कलयुग के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।” पोस्टर में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को क्रमशः विष्णु, महेश और ब्रह्मा का दर्जा दिया गया है। यह पोस्टर राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
आगामी राजनीतिक समीकरण
राहुल गांधी का यह दौरा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रायबरेली में स्वागत और विरोध – दोनों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। अब सभी की नजरें आगामी बैठक और नेताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
