मुरादाबाद से प्रयागराज तक गंगा का कहर, बरेली, बदायूं, बुलंदशहर समेत तमाम शहरों के सैकड़ों गांव डूबने की कगार पर
लखनऊ/बरेली/बदायूं : यूपी में बारिश और पहाड़ों से आने वाले पानी ने गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। मुरादाबाद से बुलंदशहर, बदायूं, प्रयागराज, वाराणसी से बलिया तक गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मुरादाबाद जिले के गुन्नौर, बबराला घाट, राजघाट और नरौरा बैराज पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नरौरा बैराज पर शनिवार को गंगा का बहाव 2,81,676 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। दर्जनों गांव जैसे रघुपुर पुख्ता, मेगरा, नरुपुरा, शालिग की मढैया, मैदावली, तोतापुर और बझागी में पानी घरों के करीब पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
बदायूं, और बरेली की फसलें डूबी
यूपी के बदायूं, बरेली, और बुलंदशहर के खादर क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। प्रशासन ने गंगा किनारे जाने पर रोक लगाते हुए बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। बदायूं जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तीन तहसीलों के 36 गांव प्रभावित हैं। इसमें कई घरों में पानी घुस चुका है।
वाराणसी में घाट डूबे
प्रयागराज और वाराणसी में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। वाराणसी में घाट पानी में डूबे हैं, जबकि बलिया तक गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी और पहाड़ों में हो रही भारी बारिश ने नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि कर दी है।
