बरेली : यूपी के बरेली जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कैंट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पीलीभीत का एक शातिर आरोपी कैंट क्षेत्र में किराए के मकान में छिपकर रह रहा था और अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे एक नाजायज 12 बोर तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मकान मालिक की भूमिका भी संदिग्ध पाए जाने पर उसे भी नामजद किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर मोहनपुर मजार के पास दबोचा आरोपी
कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर के नेतृत्व में पुलिस टीम सोमवार देर रात क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियार के साथ मोहनपुर मजार के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कय्यूम कुरैशी पुत्र लल्ला मास्टर, निवासी ग्राम मीरपुर वाहनपुर,थाना बीसलपुर, जनपद पीलीभीत के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र के ठिरिया निजावत खां स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था।
तलाशी में मिला अवैध 12 बोर तमंचा
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपी के कब्जे से एक नाजायज 12 बोर तमंचा बरामद हुआ।बरामदगी के आधार पर कैंट थाने में उसके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए बदला था ठिकाना
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कानून की निगरानी से बचने के लिए ठिरिया निजावत खां में किराए के मकान में रह रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि जिस मकान में वह रह रहा था, उसके मालिक को आरोपी की गतिविधियों और उसके पुलिस से बचकर रहने की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक ने किरायेदार का सत्यापन नहीं कराया और संदिग्ध परिस्थितियों में उसे शरण दी। इसी आधार पर मकान मालिक शेखू पुत्र जमील को भी मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहले से दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
पुलिस जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। कय्यूम कुरैशी के खिलाफ वर्ष 2015 में गौहत्या अधिनियम तथा वर्ष 2024 में आयुध अधिनियम के तहत बीसलपुर थाने में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अवैध हथियार कहां से लाता था और किन लोगों तक उसकी सप्लाई की जा रही थी।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके संपर्कों, संभावित सप्लायरों और खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि आरोपी युवाओं और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों तक सस्ते दामों में अवैध हथियार पहुंचाने की योजना बना रहा था।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर, उपनिरीक्षक रोहित तोमर, हेड कांस्टेबल शकील अहमद और कांस्टेबल रियाज अली शामिल रहे।कैंट पुलिस का कहना है कि अवैध शस्त्र तस्करी, अपराधियों को शरण देने और बिना सत्यापन किरायेदार रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किरायेदार रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
