सपा डेलिगेशन को रोका, माता प्रसाद पांडे बोले – अगर कलेक्टर ने लिखा होता तो मान लेता”, रामपुर, मुजफ्फरनगर और कैराना सांसद को गाजीपुर बॉर्डर पर रोका
लखनऊ/बरेली/नोएडा : यूपी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के बरेली दौरे से पहले लखनऊ में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आज सुबह से ही माता प्रसाद पांडे को हाउस अरेस्ट कर लिया। वहीं दूसरी ओर, सपा का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज बरेली जाने वाला था, ताकि 26 सितंबर को हुई हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की जा सके। संभल सांसद जियाउर्रहमान वर्क को घर पर, और कैराना सांसद इकरा हसन, मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक और रामपुर के सांसद मुहिबुल्ला नदवी को दिल्ली से आते समय गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया।
“अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मान लेता”- माता प्रसाद पांडे
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा “मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बरेली जा रहा था। इंस्पेक्टर ने मुझे घर से निकलने से मना किया। अगर, कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। बरेली डीएम ने भी पत्र भेजा कि मेरे जाने से माहौल खराब होगा, लेकिन सच यह है कि प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए हमें रोक रहा है। हमारे जाने से बरेली का माहौल और बेहतर होता।”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बरेली में निर्दोषों को जेल भेजा जा रहा है और पुलिस अपनी “ज्यादती” छिपाने के लिए सपा नेताओं को रोका जा रहा है।
“हमें हिस्ट्रीशीटर की तरह रोका जा रहा है- सपा नेता
माता प्रसाद पांडे ने सख्त लहजे में कहा, “हमें ऐसे रोका जा रहा है जैसे हम अपराधी हों। सरकार अपनी ज्यादती और नाकामियों को छिपाना चाहती है। हमें रोककर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। आज नहीं तो कल, हम बरेली जरूर जाएंगे।”
इकरा हसन का हमला- “लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार”
कैराना सांसद इकरा हसन ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा,“देश संविधान से चलता है, किसी सरकार की मर्जी से नहीं। हमें बेबुनियाद आरोपों के आधार पर रोका जा रहा है। सपा डेलीगेशन को बरेली जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। सत्ता के नशे में चूर सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है।”
गाजीपुर बॉर्डर पर तीन सांसद रोके गए
सूत्रों के अनुसार, बरेली जाने के लिए निकले सपा के तीन सांसदों को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोक दिया। वहीं, माता प्रसाद पांडे और संभल सांसद जियाउर्रहमान वर्क को लखनऊ में ही नजरबंद किया गया।
सपा डेलिगेशन की सूची
सपा के 14 सदस्यीय डेलिगेशन में ये प्रमुख नेता शामिल हैं, माता प्रसाद पांडे (नेता प्रतिपक्ष), हरेंद्र मलिक (सांसद, मुजफ्फरनगर), इकरा हसन (सांसद, कैराना), जियाउर्रहमान वर्क (सांसद, संभल), मोहिबुल्लाह नदवी (सांसद, रामपुर), नीरज मोर्य (सांसद, आंवला), प्रवीण सिंह ऐरन (पूर्व सांसद), वीरपाल सिंह यादव (पूर्व सांसद), शिवचरण कश्यप (जिलाध्यक्ष, बरेली), शमीम खान सुल्तानी (महानगर अध्यक्ष), विधायक शहजिल इस्लाम अंसारी, भगवा शरण गंगवार (पूर्व मंत्री), और शुभलेश यादव (पूर्व जिलाध्यक्ष) शामिल हैं। इनको भी घरों पर हाउस अरेस्ट कर लिया है।
क्या है बरेली बवाल मामला
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल द्वारा जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से डीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे। लेकिन, रास्ते में पुलिस और पीएसी ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
सपा का आरोप है कि 83 लोगों को जेल भेजा गया,चार बारात घर सील किए गए,कई मकान और दुकानें तोड़ी गईं, तीन युवकों का “हाफ एनकाउंटर” दिखाया गया। पुलिस का कहना है कि बरेली में हिंसा की आशंका के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया। “कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। विपक्षी दलों को किसी भी रूप में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
