सपा के कद्दावर नेता आज़म खान जेल के बाहर, समर्थकों में उत्साह
सीतापुर/लखनऊ/रामपुर : करीब 23 महीनों तक जेल में बंद रहने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मुहम्मद आज़म खान को उनके खिलाफ सभी मामलों में जमानत मिल गई, और वे आज (23 सितंबर 2025) सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं। जेल के बाहर सपा समर्थकों का भारी हुजूम था, साथ ही मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा भी मौजूद रहीं। उनके स्वागत और रिहाई के समय सुरक्षा के लिए पुलिस ने ड्रोन मॉनिटरिंग करवाई और जेल के आसपास धारा 163 लागू की गई।
बेटों के साथ सीधे रामपुर को रवाना
जेल से रिहाई के बाद आज़म खान सीधे रामपुर के लिए रवाना हुए। उनके साथ बेटे अब्दुल्ला आज़म और अदीब आज़म मौजूद थे। जेल के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया, मिठाइयां बांटी और आतिशबाज़ी की।
सरकार ने झूठे मुकदमों में फंसाया
यूपी सरकार के पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव (SP नेता) का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा सरकार ने झूठे मुकदमों में फंसाया था लेकिन कोर्ट ने राहत दी है। समाजवादी पार्टी पूरी तरह आज़म खान के साथ खड़ी है।
सांसद रुचि वीरा ने बसपा ने जाने को बताया अफवाह
(सपा सांसद) रूचिवीरा ने जेल के बाहर बताया कि “आज़म खान की रिहाई 2027 विधानसभा चुनाव पर बड़ा असर डाल सकती है। बीएसपी में जाने की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। असल सच्चाई खुद आज़म खान बताएंगे।”
LIVE Updates
12:38 PM: आज़म खान जेल से रिहा, समर्थकों में खुशी का माहौल।
12:39 PM: बेटे अब्दुल्ला आज़म जेल में मौजूद, सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी।
12:38 PM: आज़म खान की रिहाई 2027 चुनाव में राजनीतिक हलचल पैदा कर सकती है।
08:48 AM: रामपुर पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में क्लीन चिट दी। 1 अक्टूबर: कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी अनिवार्य।
जानें सियासत पर असर
मुहम्मद आजम खान की रिहाई के बाद यूपी की सियासत में हलचल बढ़ गई है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनकी वापसी, समाजवादी पार्टी और अन्य पार्टियों के लिए रणनीति बदल सकती है। जेल से बाहर आने के बाद आज़म खान किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होंगे, यह शिवपाल यादव ने स्पष्ट किया।
