लखनऊ : उत्तर प्रदेश भाजपा को आखिरकार नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री पंकज चौधरी निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए। लंबे समय से चली आ रही अटकलों और 11 महीने की माथापच्ची के बाद उनके नाम पर सहमति बनी। राजधानी लखनऊ की लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शंखनाद के बीच उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया। जैसे ही घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
निर्वाचन की घोषणा के तुरंत बाद निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बगल में लगी कुर्सी से उठे। उन्होंने पार्टी की परंपरा के अनुसार पंकज चौधरी को भाजपा का झंडा सौंपा, जिसे संगठन में सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद पंकज चौधरी मंच पर भूपेंद्र चौधरी की कुर्सी पर बैठे। यह दृश्य संगठनात्मक बदलाव के साथ आगामी चुनावी रणनीति की शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हुए उन्हें बुके भेंट किया। इसके बाद मंच पर योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी को बड़ी माला पहनाई गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंकज चौधरी एक अनुभवी कार्यकर्ता हैं और उनके नेतृत्व में सरकार और संगठन मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को उत्तर प्रदेश में ‘विकसित यूपी’ के रूप में साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सामने नई चुनौतियां हैं, लेकिन संगठन की मजबूती से हर चुनौती का समाधान निकलेगा।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी मंच से तीखा और चुनावी तेवर वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब विधानसभा चुनाव सामने हैं और पंकज चौधरी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के तथाकथित फर्जी PDA की धज्जियां उड़ाई जाएंगी। मौर्य ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 2017 का रिकॉर्ड भी तोड़ेगी और प्रदेश में फिर से प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से आते हैं और कुर्मी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी स्वीकार्यता मानी जाती है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का करीबी भी माना जाता है, जिससे उनके अध्यक्ष बनने को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा ने इस चुनाव को किसी साधारण संगठनात्मक प्रक्रिया की बजाय मेगा इवेंट का रूप दिया। प्रदेशभर से करीब 15 हजार कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर उत्सव जैसा माहौल रहा। कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते और नारे लगाते नजर आए। पूरे आयोजन में भाजपा की एकजुटता और जोश साफ दिखाई दिया।
गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पिछले 11 महीनों से लगातार मंथन चल रहा था। पार्टी के भीतर 15 जनवरी 2025 तक नया अध्यक्ष बनाने की चर्चा थी, लेकिन यूपी की मिल्कीपुर सीट के उपचुनाव, फिर महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार के विधानसभा चुनावों के चलते यह मामला टलता चला गया। आखिरकार अब पंकज चौधरी के नाम पर सहमति बनते ही यह लंबा इंतजार खत्म हुआ। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पंकज चौधरी संगठन को किस तरह नई दिशा देते हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को कैसे धार देते हैं। भाजपा के लिए यह नियुक्ति सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रण की औपचारिक शुरुआत भी मानी जा रही है।
